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अधिवक्ता हत्याकांड में सुनाया गया फैसला, पांचों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा

Updated at : 13 Aug 2025 10:28 PM (IST)
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अधिवक्ता हत्याकांड में सुनाया गया फैसला, पांचों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा

बक्सर न्यायालय के प्रैक्टिशनर अधिवक्ता चितरंजन सिंह की हत्या का फैसला बुधवार को सुनाया गया. उक्त फैसला जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय की अदालत ने सुनाया.

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बक्सर कोर्ट. बक्सर न्यायालय के प्रैक्टिशनर अधिवक्ता चितरंजन सिंह की हत्या का फैसला बुधवार को सुनाया गया. उक्त फैसला जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय की अदालत ने सुनाया. बताते चले कि 21 अगस्त 2019 की शाम लगभग 4:00 बजे न्यायालय के प्रैक्टिशनर अधिवक्ता चितरंजन सिंह कोर्ट के उत्तरी दरवाजे से निकलकर घर जा रहे थे कि गेट के पास पहले से घात लगाए बैठे अपराधियों ने उन्हें घेर लिया था. जब वे भागने लगे तो उन्हें दौड़ा कर गोली मार हत्या कर दिया था. मृतक अधिवक्ता मुफस्सिल थाना के जगदीशपुर गांव के रहने वाले थे. जहां उनके साथ जमीनी विवाद चल रहा था. पुरानी रंजिश को लेकर उनकी हत्या की गयी थी. हत्या में कुल सात लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिक मृतक के भाई जगमोहन सिंह ने नगर थाना में दर्ज करायी थी. विगत दिनों सुनवाई के दौरान न्यायालय ने दो लोगों को रिहा करते हुए अभियुक्त यशवंत यादव, यशोदेव यादव, उमाशंकर यादव, वशिष्ठ यादव एवं विशंभर यादव को हत्या में दोषी करार दिया था तथा सजा के बिंदु पर फैसला सुरक्षित था. जिसे बुधवार को सुनाया गया. न्यायालय ने अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 302 के तहत उम्र कैद की सजा सुनाई साथ ही प्रत्येक पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया, जुर्माना नहीं देने पर 6 माह अतिरिक्त जेल में बिताने होंगे. वहीं धारा 147 एवं 148 के तहत क्रमशः 1 वर्ष एवं 2 वर्ष के कारावास के साथ पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत सभी अभियुक्तों को को चार वर्ष के कारावास के साथ 50-50 हजार रुपये का अर्थ दंड की सजा सुनायी गयी है. सभी सजाएं साथ साथ चलेंगी. वहीं पीड़ित मृतक के भाई जगमोहन सिंह एवं अजय कुमार को मुआवजा के लिए कोर्ट ने सरकार को निर्देशित किया है. इस संबंध में जानकारी देते हुए अपर लोक अभियोजक विनोद कुमार सिंह ने बताया कि मामला अत्यंत संगीन था जहां अभियोजन पक्ष की ओर से कुल सात गवाहों की गवाही को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था जहां उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्तों को सजा सुनायी गयी है. .गौरतलब है कि यशवंत यादव एवं यशोदेव यादव स्वर्गीय खूंटी यादव के पुत्र हैं. खूंटी यादव की हत्या इटाढे रेलवे क्रॉसिंग के पास कुछ वर्ष पूर्व उसे समय अपराधियों ने कर दिया था जब वे अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठ गुमटी खुलने का इंतजार कर रहे थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AMLESH PRASAD

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By AMLESH PRASAD

AMLESH PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

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