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Buxar News: 21232 हेक्टेयर में की जायेगी खरीफ की खेती

Updated at : 07 Jun 2025 9:30 PM (IST)
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Buxar News: 21232 हेक्टेयर में की जायेगी खरीफ की खेती

प्रखंड के सभी 19 पंचायतों में इस बार 21232 हेक्टेयर में धान एवं अन्य खरीफ फसलों की खेती की जाएगी. इस बार मौसम विभाग ने रिपोर्ट जारी कर बताया है कि इस बार समय पर मानसून आने की संभावना है.

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राजपुर

. प्रखंड के सभी 19 पंचायतों में इस बार 21232 हेक्टेयर में धान एवं अन्य खरीफ फसलों की खेती की जाएगी. इस बार मौसम विभाग ने रिपोर्ट जारी कर बताया है कि इस बार समय पर मानसून आने की संभावना है.इसलिए किसान समय पर खेती करने की तैयारी में लग गए हैं.उमड़-घुमड़ करते बादलों को देख किसान अपने खेतों में धान का बिचड़ा डालना शुरू कर दिए हैं.पिछले दो वर्षों से समय पर मॉनसून नहीं आने से प्रखंड क्षेत्र में धान की खेती प्रभावित हो गयी थी. पिछली बार धान की खेती की गयी थी.

पानी के अभाव में अधिकतर खेत परती रह गया था.फिर भी फसल की अच्छी पैदावार को देख कृषि विभाग ने इस बार अपना लक्ष्य बढ़ा दिया है. लक्ष्य के अनुरूप किसानों ने अपने खेतों में बिचड़ा भी डालना शुरू कर दिया है.मॉनसून की वर्षा होते ही धान की रोपनी शुरू कर दी गयी है. मौसम विभाग के तरफ से जारी निर्देश को देख कृषि विभाग ने भी अपनी तैयारी पहले ही कर लिया है.किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए पंचायतों में चौपाल लगाकर जानकारी दी जा रही है. समय पर किसान अपने खेती का काम करें.किसान बदलते मौसम एवं जलवायु को देखते हुए अपने फसलों को लगाए. इस बार भी किसानों ने कई ऐसी धान की प्रजातियों को अपने खेत में लगाने का प्लान बनाया है. जिससे समय पर पैदावार हो एवं अगली फसल के लिए खेत तैयार हो सके. फिलहाल कृषि विभाग किसानों को धान की पैदावार को बढ़ाने एवं उसे पूरी तरह से स्वस्थ पैदा करने के लिए जैविक खेती करने का सलाह दे रहे हैं. अगर किसान अपने खेतों में जैविक खाद एवं जैविक दवाइयों का उपयोग कर खेती करें तो खेतों में उत्पादित अनाज भी भारत के अलावा कई अन्य देशों में अनाज को भेजा जाएगा. खाद्य पदार्थों में मिलावट एवं स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव को लेकर जैविक खाद्य पदार्थों की मांग काफी बढ़ गयी है. ऐसे में किसानों को जैविक खाद का इस्तेमाल करना होगा.किसान को सलाह दिया जा रहा है कि यूरिया के साथ नैनो यूरिया का भी उपयोग जरूर करें. इस बार अधिकतर किसानों ने हरी चादर योजना के तहत खेतों को जैविक एवं पोषक युक्त बनाने के लिए ढैंचा की खेती किया है. क्या बोले अधिकारी मौसम विभाग ने आगाह किया है कि इस बार समय पर वर्षा होगी जिसको लेकर किसान अभी से अपने खेत की तैयारी कर सकते हैं. तापमान में हो रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए इससे सचेत रहने की भी जरूरत है. सरकार के तरफ से अनुदानित दर पर मिलने वाला धान का बीज भी उपलब्ध हो गया है.सभी किसान खाने के लिए सोनाचूर धान की खेती जरूर करें. – शशिरंजन प्रसाद सिंह यादव ,प्रखंड कृषि पदाधिकारी राजपुर

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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