बक्सर
. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड, पटना (जीविका निधि) का शुभारंभ किया. इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर 105 करोड़ रुपये की राशि का हस्तांतरण जीविका निधि में किया. कार्यक्रम अपराह्न 12:30 बजे प्रारंभ हुआ, जिसमें उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, वित्त मंत्री सम्राट चौधरी तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार भी उपस्थित रहे. बिहार सरकार ने जीविका से जुड़े समुदाय के सदस्यों को सस्ते ब्याज दरों पर आसानी से धनराशि उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य स्तर पर एक सहकारी संस्था बिहार राज्य जीविका निधि क्रेडिट कोऑपरेटिव यूनियन लिमिटेड, पटना (जीविका निधि) बनाने का निर्णय लिया है. जीविका निधि पूरी तरह से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित है. इससे जीविका बहनों द्वारा धनराशि प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान और तेज हो जायेगी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि आज राज्य भर में 1.40 करोड़ से अधिक महिलाएं जीविका से जुड़ी हैं. जिससे रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं. राज्य सरकार ने प्रत्येक परिवार की महिलाओं को आजीविका सहायता के लिए 10,000 की वित्तीय सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है. रोजगार प्रगति की समीक्षा के बाद 2 लाख तक की अतिरिक्त राशि भी उपलब्ध करायी जायेगी. बक्सर जिले में नगर भवन में मुख्य जिला स्तरीय कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया. नगर भवन में कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी एवं डीडीसी ने द्धीप प्रज्ज्वलित कर किया. वहीं सदर प्रखंड कार्यालय में बीडीओ साधु शरण पांडेय, बीपीएम जीविका के नेतृत्व में आयोजित किया गया. जिला स्तरीय कार्यक्रम में लगभग 565 जीविका दीदियों ने सम्मिलित होकर प्रधानमंत्री का लाइव संबोधन देखा और सुना. कार्यक्रम में ज़िलाधिकारी डॉ विद्या नंद सिंह, उप विकास आयुक्त आकाश चौधरी, डीपीएम जीविका दयानिधि चौबे सहित अन्य जीविका पदाधिकारियों ने भाग लिया. इसके अतिरिक्त सभी प्रखंड स्तर पर 3 हजार 617 दीदियों ने भागीदारी की. वहीं प्रखंडों के 26 संकुल संघ स्तर पर लगभग 26 हजार 330 दीदियों ने भी उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया. इस कार्यक्रम का आयोजन बक्सर ज़िले में कुल 171 स्थानों पर हुआ. जिसमें कुल 30 हजार 512 प्रतिभागियों ने अपनी भागीदारी दर्ज की. जीविका निधि का उद्घाटन बिहार में वित्तीय समावेशन, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है. राज्य और केंद्र सरकार की संयुक्त दृष्टि से यह पहल स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान करने, डिजिटल वित्तीय पहुंच बढ़ाने और विकसित बिहार के पथ को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

