Buxar News: प्रधानाध्यापक के पद का प्रभार देना पूरी तरह से गलत व नियम विरुद्ध

Published by : RAVIRANJAN KUMAR SINGH Updated At : 10 Apr 2025 9:56 PM

विज्ञापन

सेवानिवृत्त शिक्षकों द्वारा अपनी मांगों को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी को बुधवार को एक आवेदन सह मांगपत्र सौंपा है

विज्ञापन

बक्सर

. सेवानिवृत्त शिक्षकों द्वारा अपनी मांगों को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी को बुधवार को एक आवेदन सह मांगपत्र सौंपा है. जिसके तहत भूतलक्षी प्रभाव से स्नातक कोटी एवं प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति की मांग की गयी है. वहीं पत्र के माध्यम से कहा गया है कि दिए गए ज्ञापन में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना द्वारा निर्गत पत्र पत्रांक 1338 दिनांक 20 3.25 जो वैकल्पिक व्यवस्था के अंतर्गत उच्चतर पद प्रधानाध्यापक के पद पर प्रभार देने से संबंधित है पर सख्त एतराज जताते हुए निरस्त करने एवं निदेशक प्राथमिक शिक्षा के पत्रांक 218 दिनांक 27. 2. 2023 के आदेश अनुसार उच्च न्यायालय द्वारा CWJC संख्या 15610/2018 में परित न्यायादेश के आलोक में प्रोन्नति नियमावली 1993 के अंतर्गत भूतलक्षी प्रभाव से स्नातक कोटी एवं प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति की मांग की है. सेवानिवृत शिक्षकों ने आरोप लगाया है की मनमाने ढंग से वर्तमान तिथि के प्रभाव से उच्चतर पद का प्रभार देना पूर्णतः गलत एवं नियम विरुद्ध है. इस कार्रवाई से प्रोन्नति नियमावली 1993 के तहत भूत लक्ष्मी प्रभाव से प्रोन्नति के लिए वर्ष 1996 से लेकर 01.09.2011 तक रिक्त पद समाप्त हो जाएंगे. जिससे उच्च न्यायालय के न्यायादेश का उल्लंघन होगा. दूसरा आरोप यह लगाया है कि वर्तमान में स्नातक कोटि में कार्यरत शिक्षक की प्रोन्नति 12 . 12 .23 को प्रकाशित अंतिम वरीयता सूची के आधार पर हुई है जिस पर जिला पदाधिकारी द्वारा जांच की जा रही है. सेवानिवृत शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया है कि उच्चतर पद पर प्रोन्नति हेतु अधिसूचना संख्या 19300 दिनांक 13 अक्टूबर 2023 के नियम6(8) के अनुसार यह एक बारगी उपाय है. जिसका लाभ 12 .12. 23 को दिया जा चुका है. सेवानिवृत शिक्षकों का कहना है कि निदेशक की पत्रांक 218 दिनांक 27 फरवरी 2023 के आलोक में तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना के पत्रांक 479 दिनांक के 5. 4 .2023 के द्वारा हम लोगों से शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण प्रमाण पत्र की मांग कर औपबंधिक सूची तैयार कर ली गई, लेकिन प्रकाशन स्थगित कर दिया गया. इसके बाद तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा विभाग से मार्गदर्शन की मांग गई जो अवर सचिव शिक्षा विभाग के स्तर से प्राप्त हो चुका है. इसके बावजूद भी कार्रवाई स्थगित रखी गई है. इन शिक्षकों का कहना है कि पहले प्रोन्नति नियमावली 1993 के तहत स्नातक कोटी एवं प्रधानाध्यापक के पदों को भरा जाए. सेवानिवृत शिक्षकों ने आरोप लगाया है कि पूर्व के रिक्त पदों को पूर्व की प्रोन्नति नियमावली 1993से इतर वर्तमान तिथि से वैकल्पिक व्यवस्था के अंतर्गत भरे जाने की एक साजिश पूर्ण कार्रवाई हो रही है. सेवानिवृत शिक्षकों ने अपने ज्ञापन में दूसरा मांग यह रखा है कि एमएसीपी प्राप्त कई सेवानिवृत्ति बुजुर्ग शिक्षकों का अंतर वेतनादि के बकाया राशि का विपत्र दो माह पहले तैयार हो गया था लेकिन भुगतान 31 मार्च तक नहीं किया गया. ऐसा जानबूझकर किया गया है. इसको लेकर सेवानिवृत शिक्षको ने उपर्युक्त दोनों मांगों को लेकर वे डीइओ के पास मिलने भी गये, लेकिन जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में उपस्थित नहीं रहने के कारण इन्होंने अपने ज्ञापन को कार्यालय में प्राप्त करा दिया है. शिक्षकों ने कहा कि उनकी दोनों मांगे बिल्कुल जायज और नियमानुकूल हैं. यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तो निकट भविष्य में जिला पदाधिकारी बक्सर के समक्ष धरना पर बैठने के लिए मजबूर हो जाएंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RAVIRANJAN KUMAR SINGH

लेखक के बारे में

By RAVIRANJAN KUMAR SINGH

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन