पटना़ बक्सर के कुख्यात अपराधी चंदन मिश्रा हत्याकांड में शामिल शूटरों और अन्य के खिलाफ पटना पुलिस 15 अक्तूबर से पहले चार्जशीट कर देगी. पुलिस ने केस डायरी लिख ली है. इसके अलावा शूटरों का पुलिस एफएसएल से फेस सैंपलिंग करायेगी. सभी शूटरों का सैंपल लिया जायेगा और सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में कैद बदमाशों के चेहरे से मिलान किया जायेगा. इस मामले में पांच में से चार शूटरों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. एक शूटर मोनू सिंह फिलहाल फरार है. चंदन मिश्रा की हत्या पारस अस्पताल में बदमाशाें ने 17 जुलाई को कर दी थी. वह एक केस में बेऊर जेल में बंद था और वह पेरोल पर इलाज कराने के लिए पारस अस्पताल में आया था. इस दौरान ही शूटरों ने चंदन मिश्रा के कमरे में गोली मार कर हत्या कर दी. इसके बाद कोलकाता से शूटर ताैसीफ उर्फ बादशाह के साथ ही उसके मौसेरे भाई नीशू खान, नीशू खान के दो कर्मी भीम व हर्ष को गिरफ्तार किया था. इसके बाद पुलिस टीम ने आरा में शूटर बलवंत, रविरंजन सिंह और अभिषेक को पकड़ा था. इसके अलावा इन बदमाशों को हथियार उपलब्ध कराने के आरोप में यूपी के मिर्जापुर से राजेश और धन्नू को गिरफ्तार करने में सफलता पायी थी. सिटी एसपी मध्य दीक्षा ने बताया कि समय पर चार्जशीट दायर कर दी जायेगी. पुरुलिया जेल में बंद शेरू सिंह से पूछताछ के लिए पुलिस को रिमांड इस घटना को अंजाम देने में पुलिस के समक्ष यह बात सामने आयी है कि शेरू सिंह ने ही चंदन मिश्रा की हत्या करवायी है. शेरू सिंह फिलहाल पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जेल में बंद है. उसे रिमांड पर लेने के लिए पुलिस ने कोर्ट से आग्रह किया था. इसके बाद रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की इजाजत मिल गयी है. शेरू को चंदन मिश्रा हत्याकांड में अप्राथमिकी अभियुक्त भी बना दिया गया है. घटना में प्रयुक्त हथियार नहीं हुआ बरामद चंदन मिश्रा की हत्या 17 जुलाई को हुई थी. 17 अक्तूबर को 90 दिन पूरे हो जायेंगे. इसके पूर्व पटना पुलिस चार्जशीट भी दायर कर देगी. लेकिन अभी तक हत्या में इस्तेमाल की गयी पिस्टल बरामद नहीं की जा सकी है.
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