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परिमार्जन प्लस पोर्टल पर प्राप्त आवेदन को तय सीमा के अंदर निबटारा नहीं करने कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई

Updated at : 26 Dec 2025 10:22 PM (IST)
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परिमार्जन प्लस पोर्टल पर प्राप्त आवेदन को तय सीमा के अंदर निबटारा नहीं करने कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के द्वारा परिमार्जन प्लस पोर्टल पर प्राप्त आवेदन के लिए समय सीमा तय कर दिया है.

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बक्सर. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के द्वारा परिमार्जन प्लस पोर्टल पर प्राप्त आवेदन के लिए समय सीमा तय कर दिया है. सदर सीओ राहुल शंकर ने बताया कि आम नागरिकों/भू-धारियों को सुविधा प्रदान करने के लिए भूमि संबंधी मामलों के निष्पादन में तीव्रता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभाग द्वारा आम नागरिकों एवं सभी रैयतों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भूमि संबंधी सभी महत्त्वपूर्ण अभिलेखों को डिजिटाइज्ड कर ऑनलाइन किया गया है. जमाबंदियों के डिजिटाइजेशन के क्रम में कतिपय जमाबंदियों के रैयतों के नाम, खाता, खेसरा, रकबा, लगान, इत्यादि से संबंधित अशुद्धियां रहने की सूचना प्राप्त हुई. अशुद्धियों/विसंगतियों को दूर करने के दृष्टिकोण से एवं उन्नत व्यवस्था के साथ त्रुटियों का तीव्रतापूर्वक निराकरण करने हेतु परिमार्जन प्लस पोर्टल विकसित की गयी है. इस पोर्टल के माध्यम से विभिन्न सुधार किया जाता है. जिसमें डिजिटाइज्ड जमाबंदी में परिलक्षित त्रुटियां यथा रैयत का नाम, पिता का नाम, जाति, पता, खाता, खेसरा, रकवा, लगान की प्रविष्टि, इत्यादि, छुटी हुई जमाबंदी को ऑनलाइन करना

विभिन प्रकार का आवेदन के तय किया समय तय : परिमार्जन प्लस पोर्टल पर प्राप्त आवेदन के लिए राज्य भूमि सुधार विभाग ने समय तय किया साथ ही साथ चेतावनी दिया गया है. जिस कर्मचारी व अधिकारी पर समय सीमा जो तय है उससे अधिक समय तक रहता है तो उनपर विभागीय कार्रवाई किया जायेगा. सीओ राहुल शंकर ने बताया कि डिजिटाइज्ड जमाबंदी में परिलक्षित लिपिकीय भूल/टंकण भूल/लोप को 15 कार्य दिवस में निष्पादन कर देना है. डिजिटाइज्ड जमाबंदी में परिलक्षित त्रुटियों में सुधार के लिए 35 कार्य दिवस तय किया गया है. छूटी हुई जमाबंदी को ऑनलाइन करना 75 कार्य दिवस तय किया गया है. परिमार्जन के वैसे मामले, जिसमें भू-मापी की आवश्यकता हो 75 कार्य दिवस तय किया गया है. परिर्माजन प्लस पोर्टल पर प्राप्त सभी आवेदनों को निर्धारित समय-सीमा के अन्तर्गत निष्पादन कराना होगा नहीं तो परिमार्जन प्लस पोर्टल पर दायर मामलों के निष्पादन में किसी प्रकार की लापरवाही/शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों/ कर्मियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AMLESH PRASAD

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By AMLESH PRASAD

AMLESH PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

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