ePaper

तीन वर्षों से पेंशन के लिए चक्कर लगा रहे वृद्ध

Updated at : 05 Jan 2026 10:42 PM (IST)
विज्ञापन
तीन वर्षों से पेंशन के लिए चक्कर लगा रहे वृद्ध

प्रखंड मुख्यालय पर इन दिनों पेंशन योजना में सुधार के लिए प्रतिदिन कोई न कोई सुधार के लिए आ रहा है.

विज्ञापन

राजपुर. प्रखंड मुख्यालय पर इन दिनों पेंशन योजना में सुधार के लिए प्रतिदिन कोई न कोई सुधार के लिए आ रहा है. कुछ ऐसे लोग हैं जिन्हें पिछले तीन वर्षों से पेंशन नहीं मिल रहा है. तियरा पंचायत के बघेलवा गांव के बनवारी सिंह ने बताया की पिछले तीन वर्ष से पेंशन की राशि नहीं मिला है. कार्यालय में हर बार जानकारी दी जाती है कि पेंशन की राशि खाते में जा रही है. यह किस खाते में क्यों जा रहा है. इसकी जानकारी अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है. पेंशन राशि के लिए यह प्रतिदिन स्थानीय जनप्रतिनिधि के दरवाजे का चक्कर लगाने के साथ प्रखंड मुख्यालय पर भी कई बार आकर सुधार करने की गुहार लगाते रह गए. बावजूद अब तक इसमें कोई सुधार नहीं हुआ. एक बार फिर मुख्यालय पहुंचकर गुहार लगाए हैं. उम्मीद है पेंशन योजना का लाभ मिलेगा. विदित हो कि राज्य और केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन के अलावा कई पेंशन योजनाओं का लाभ गरीबों और असहायों को देती है. जिसके लिए प्रखंड के सभी पंचायतों से चयनित लाभार्थियों को वर्ष 2015 तक इस योजना मद से लेजर बुक के माध्यम से शिविर लगाकर पेंशन दी जा रही थी. तब तक तो सब ठीक था. पंचायत स्तर पर दलितों के बीच जागरूकता के लिए चयनित किए गए विकास मित्र विकास की गतिविधियों को देखने के लिए पंचायत सचिव, आवास सहायक के अलावा कई अन्य पंचायत कर्मियों को नियुक्त किया गया है. जिनके माध्यम से जांच पड़ताल कर उचित लाभार्थियों को इसका लाभ देना है. बावजूद इसका लाभ नहीं मिलना एक सबसे बड़ा सवाल खड़ा करता है. इस पेंशन योजना से सिर्फ यही नहीं दुल्फा पंचायत के मोहनी टोला गांव की शिलोचना देवी, तियरा के फूलवंती देवी, रसेन पंचायत के सैंकुआ गांव निवासी रामसिगासन सिंह के अलावा कई लोग ऐसे है. जिन्हें पेंशन का चक्कर लगाना पड़ रहा है. सुलोचना देवी ने बताया कि उनके घर से इटाढ़ी प्रखंड के इंडियन बैंक में उनका खाता है. जहां पेंशन के लिए जाने पर उनके द्वारा बताया गया है कि इन्हें मृत घोषित कर दिया गया है. इस तरह की कई समस्याएं हैं. जिसको लेकर लोग प्रतिदिन विभाग का चक्कर लगा रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
AMLESH PRASAD

लेखक के बारे में

By AMLESH PRASAD

AMLESH PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन