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प्रखंड नहीं बनने से विकास में पीछे छूट गया धनसोई

Updated at : 06 Oct 2025 6:09 PM (IST)
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प्रखंड नहीं बनने से विकास में पीछे छूट गया धनसोई

पिछले पांच सालों में राज्य सरकार ने राज्य के कई प्रखंडों में सैकड़ों करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न योजनाओं के माध्यम से विकास का कार्य करवाया.

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धनसोई. पिछले पांच सालों में राज्य सरकार ने राज्य के कई प्रखंडों में सैकड़ों करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न योजनाओं के माध्यम से विकास का कार्य करवाया. लेकिन अपने किये गए वायदे को पूरा कर नहीं सकी. पिछले कई लोक सभा और विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री में धनसोई को प्रखंड बनाने का वायदा किया था, लेकिन वो सिर्फ चुनावी भाषण तक ही सीमित रह गया. जिस कारण पिछले पच्चीस सालों से अपनी विकास की उद्धार में धनसोई की जनता आस लगाये बैठी है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने इटाढी में एक चुनावी जनसभा के दौरान सरकार बनने पर धनसोई को प्रखंड बनाने की बात कही थी. जबकि नीतीश कुमार ने धनसोई कालेज के मैदान में लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दरम्यान दो दो बार प्रखंड बनाने का आश्वासन दिया था. जो सिर्फ चुनावी भाषण तक ही सीमित रह गया. क्यों जरूरी है प्रखंड : करैला गांव निवासी शंभू चौधरी,चकिया के महेंद्र साह, कथराई गांव निवासी राजू यादव,सिसौंधा निवासी जयप्रकाश सिंह ,बिरना गांव निवासी अमित सिंह समेत दर्जनों लोगों ने बताया कि हमारे गांव से राजपुर की दूरी 20 से 25 किलोमीटर की दूरी तय कर किसी भी जरूरी कार्य के लिए जाना पड़ता है. जाने आने में पूरा दिन निकल जाता है,आपका काम हो अथवा ना हो ये कर्मचारियों पर निर्भर है. दूसरी सबसे बड़ी समस्या संसाधन की है,राजपुर जाने के लिए को डायरेक्ट वाहन नहीं है,इसके लिए पहले तियरा जाना पड़ता है. इसके बाद राजपुर जाने के लिए वाहन लेनी पड़ती है. आने जाने में सुबह से शाम हो जाता है. दो बार विभाग ने मांगा था प्रस्ताव : साल 2013 में भी विभाग द्वारा जिलाधिकारी बक्सर से इस मामले में प्रस्ताव मांगा गया था. इसके बाद पुनः 2017 में भी जिलाधिकारी बक्सर से तत्कालीन अवर सचिव ने प्रस्ताव मांगा था. लेकिन किसी कारणवश प्रस्ताव को भेजा नहीं गया. जिससे धनसोई को प्रखंड बनाने का कार्य अधूरा होने से इसका विकास नहीं हो पाया. प्रस्तावित प्रखंड में कुल ग्यारह पंचायत को शामिल किया गया था. जिसमे धनसोई, समहुता, सिकठी, दुल्फा, कैथहर कला, बन्नी, मटकीपुर, खरहना के साथ इटाढी प्रखंड की तीन पंचायतें इंदौर,चिलहर और विक्रम इंग्लिश शामिल है प्रखंड बनाने पर होगी सुविधा होगी सुगम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र होने से लोगों को समय पर इलाज और दवा की व्यवस्था किसी भी प्रमाण पत्र के बनवाने के लिए कार्यालय की सुविधा समय समय पर विभिन्न योजनाओं की जानकारी और लाभ साफ-सफाई की पूर्ण व्यवस्था प्रखंड कार्यालय होने से विकास कार्यों में तेजी से होंगे

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AMLESH PRASAD

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By AMLESH PRASAD

AMLESH PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

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