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Buxar News: सरकारी विद्यालयों में नियुक्त दो हाउस कीपिंग एजेंसियों से लापरवाही को लेकर डीइओ ने किया शो-कॉज

जिले के सरकारी विद्यालयों में शौचालय व विद्यालय की साफ-सफाई को लेकयर हाउसकीपिंग एजेंसियों को नियुक्त किया गया है

बक्सर.

जिले के सरकारी विद्यालयों में शौचालय व विद्यालय की साफ-सफाई को लेकयर हाउसकीपिंग एजेंसियों को नियुक्त किया गया है. जिससे विद्यालय परिसर को स्वच्छ बनाया जा सके. लेकिन नियुक्त हाउसकिपिंग एजेंसियों पर कार्य में लापरवाही करने तथा सरकारी राशि का गबन करने का आरोप लगा रहा है. इस क्रम में जिले के नावानगर व सिमरी प्रखंड के विद्यालयों में सफाई कार्य करने वाली एजेंसी पर कार्य में लापरवाही व रुपये गबन करने के मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार पांडेय ने पत्र जारी कर दोनों प्रखंड के कार्य एजेंसी रुद्र सागर सेवा संस्थान व फस्ट आइडीया से तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण की मांग की है. स्पष्टीकरण का जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी. जिले के विद्यालयों में साफ-सफाई को लेकर नियुक्त कार्य एजेंसियों पर कार्य में लापरवाही को लेकर सवाल उठते रहे है. वहीं इन एजेंसियों की कार्य प्रणाली पर (दिशा)जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में भी मामले को जोर शोर से उठाया गया था. जिसके बाद शिक्षा विभाग ने कठोर कदम उठाया है. फस्ट आईडिया व रुद्र सागर सेवा संस्थान को भेजे स्पष्टीकरण के जारी पत्र में कहा गया है कि जिला व प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों ने नावानगर प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों का समय-समय पर निरीक्षण किया गया है. जिसमें यह सामने आया कि शौचालय, विद्यालय के अंदर एवं बाहरी परिसर की सफाई करनी है. बेंच-डेस्क की साफ-सफाई करनी है. परंतु एजेंसियों के माध्यम से यह कार्य नहीं कराया जा रहा है. साथ ही कई प्रभारी एचएम ने बताया है कि सफाई कर्मियों का समय पर भुगतान नहीं किया जाता है. जिस कारण सफाई कर्मी कार्य नहीं करते है. प्रधानाध्यापकों की मिली भगत से सरकारी राशि का गबन किया जा रहा है. पत्र में कहा गया है कि डुमरांव विधायक डॉ. अजीत सिंह ने नावानगर में कार्यरत हाउस किपिंग एजेंसी फस्ट आईडिया की कार्य प्रणाली के विरोध में डीएम को प्रतिवेदन दिया था. जिसमें अंकित है कि फस्ट आईडिया कंपनी बिना कार्य कराये ही भुगतान प्राप्त कर रही है. ज्ञात हो कि दिशा की बैठक में सांसद ने डीईओ पर नाराजगी व्यक्त की थी. डीईओ ने स्पष्टीकरण का सही जवाब नहीं देने वाली एजेंसियों के एकरारनामा रद्द करते हुए काली सूचि में डालने की बात कही गइ है.

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