चौसा. एनएच-319(ए) फोरलेन बक्सर-चौसा सड़क परियोजना को लेकर प्रभावित भू-स्वामियों में बनी अनिश्चितता को दूर करने के लिए बुधवार को अपर भू-अर्जन पदाधिकारी कौशर इमाम के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम घरोही क्षेत्र पहुंची. पुलिस बल की मौजूदगी में प्रस्तावित सड़क मार्ग के लिए भूमि की मापी और निशानदेही का कार्य किया गया और स्पष्ट किया गया कि परियोजना के तहत किन भू-स्वामियों की कितनी जमीन अधिगृहीत की जायेगी. अधिकारियों ने बताया कि सीमांकन का मुख्य उद्देश्य मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया को पारदर्शी और विवादमुक्त बनाना है. भूमि की श्रेणी कृषि, आवासीय या व्यवसायिक के निर्धारण के लिए आवश्यक बिंदुओं को भी रिकॉर्ड किया जा रहा है. सीमांकन के दौरान राजस्वकर्मियों की सक्रिय भागीदारी रही और प्रशासन ने भू-स्वामियों से सर्वे प्रक्रिया में सहयोग की अपील की, ताकि आगे की कार्रवाई समयबद्ध ढंग से पूरी की जा सके. कनकनारायनपुर विद्यालय परिसर में आयोजित बैठक में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी नवीन कुमार ने स्पष्ट किया था कि पारदर्शी सर्वे के बिना मुआवजा निर्धारण संभव नहीं है. उन्होंने यह भी बताया कि 19 जनवरी से प्रमंडलीय आयुक्त के निर्देशन में विशेष कैंप लगाया जायेगा, जहां प्रभावित लोग अपने कागजात, आपत्तियां और दावे दर्ज करा सकेंगे. भूमि सीमांकन शुरू होने से ग्रामीणों में भरोसा जगा है कि फोरलेन परियोजना को लेकर वर्षों से चला आ रहा असमंजस समाप्त होगा और सड़क निर्माण कार्य को गति मिलेगी. प्रभावितों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया और समय पर मुआवजा मिलने की उम्मीद जतायी.
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