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फाइल- 8- दो डॉक्टर के सहारे चल रहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 155 से अधिक रोगियों की जांच करते है आयुष डॉक्टर आधुनिक बनाने का सपना रह गया अधूरा

Updated at : 19 Jul 2024 5:22 PM (IST)
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फाइल- 8- दो डॉक्टर के सहारे चल रहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 155 से अधिक रोगियों की जांच करते है आयुष डॉक्टर आधुनिक बनाने का सपना रह गया अधूरा

दो डॉक्टर के सहारे चल रहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र

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19 जुलाई- फोटो- 5- रोगियों की जांच करते चिकित्सक राजपुर. प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इन दिनों सिर्फ साधारण रोगियों की जांच की जाती है. करोड़ों रुपए की लागत से बने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में विभागवार रोगियों की जांच करने के लिए सभी कमरे बना दिए गए हैं. जिसके लिए अभी तक फिलहाल चिकित्सा प्रभारी डॉ अशोक कुमार, डॉ सुनील कुमार सिंह दो डॉक्टर ही रोगियों की जांच करते हैं. इसमें भी चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर अशोक कुमार की ड्यूटी सप्ताह में दो दिन सदर अस्पताल बक्सर में हो जाने से आयुष डॉक्टर ही रोगियों की जांच करते हैं. इस स्वास्थ्य केंद्र में 19 पंचायत के लगभग 245 गांव के लोग इलाज कराने के लिए आते हैं. सरकार के गाइडलाइन के अनुसार इस अस्पताल में विभागवार रोगियों की नियमित जांच के लिए 15 पद सृजित किए गये हैं. अभी भी 13 डॉक्टरों की आवश्यकता है. डॉक्टर के अभाव में अन्य रोगियों को यहां से इलाज के लिए बाहर रेफर कर दिया जाता है. गांव के ग्रामीणों को बाहर जाने में काफी परेशानी उठाना पड़ता है. डिजिटल मोड में करने के बाद सरकार पंचायत एवं स्वास्थ्य विभाग को भी हाईटेक बना रही है. इसके तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी आधुनिक तरीकों से सुसज्जित किया जा रहा हैं. फिर भी इस मामले में यह अस्पताल अभी बहुत पीछे हैं. हालांकि ओपीडी सेवा के तहत प्रतिदिन लगभग 155 से अधिक रोगियों की जांच की जाती है.

14 प्रकार के रोगों की होती है जांच

सीएचसी को पूरी तरह से अब आधुनिक करने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. इसके लिए यहां पर सीबीसी मशीन लगा दिया गया है. जिस मशीन के तहत मलेरिया, फाइलेरिया, कालाजार, टीवी, एचबी, डब्ल्यूबीसी सहित 14 प्रकार का जांच किया जाता है. इससे रोगियों को दूर जाने के बजाय आसानी से जांच के बाद उन्हें बेहतर इलाज की सुविधा दी जा रही है. अन्य रोगियों को बक्सर भेजा जाता है. अथवा निजी क्लीनिक में जाकर जांच कराते हैं. महिला डॉक्टर नहीं होने से महिलाओं को काफी परेशानी हो रही है. पिछले वर्ष महिला चिकित्सक थी. लेकिन इन्हें बक्सर भेज दिया गया है. फिलहाल इस अस्पताल को आधुनिक बनाने की प्रक्रिया धूमिल पड़ गयी है. महिलाओं को प्रसव के अलावा महिला रोग से संबंधित उन्हें आवश्यक सुझाव व दवा दी जाती है. अस्पताल में रोगियों के लिए तीन एंबुलेंस है. इनका संचालन सही हो रहा है. अस्पताल के सफल संचालन के लिए सभी प्रकार के दवाओं की उपलब्धता है. जिसके लिए ओपीडी में 51, इमरजेंसी में 54 व अन्य प्राथमिक उपचार के लिए 26 प्रकार की दवाइयां अस्पताल में मौजूद है. बेहतर स्वास्थ्य सुविधा को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को इसे रेफरल अस्पताल बनाने की कवायद शुरू कर दी गयी है.

क्या कहते हैं अधिकारी

अस्पताल को बेहतर बनाने के लिए प्रयास किया जा रहा है. जिसके लिए विभागवार डॉक्टर की मांग की गयी है. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को लिखित तौर पर सूचित किया गया है. शीघ्र ही चिकित्सक मिलने पर विभागवार भी रोगियों की जांच की जायेगी.

डॉ अशोक कुमार, चिकित्सा प्रभारी राजपुर

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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