इटाढ़ी के बाद अब चौसा रेलवे फाटक पर भी हमेशा के लिए लटका ताला, 130 की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें

Updated:
विज्ञापन
buxar news

चौसा रेलवे क्रॉसिंग सील

Buxar News: इटाढ़ी गुमटी (बक्सर पूर्वी फाटक) के बाद सोमवार को चौसा रेलवे क्रॉसिंग के फाटक को भी पूरी तरह सील कर दिया गया. बिहटा-डीडीयू रेलखंड पर नए रोड ओवर ब्रिज (ROB) के शुरू होने के बाद रेलवे इंजीनियरिंग विभाग ने यह कदम उठाया है.

विज्ञापन

Buxar News ( बक्सर से ओंकार नाथ मिश्र की रिपोर्ट ):
बक्सर में रेलवे फाटकों के बंद होने का सिलसिला दूसरे दिन भी जारी रहा. इटाढ़ी गुमटी यानी बक्सर पूर्वी फाटक सील होने के ठीक अगले दिन सोमवार को चौसा रेलवे क्रॉसिंग का फाटक भी हमेशा के लिए बंद कर दिया गया. दोनों फाटक बंद होने से जहां ट्रेनों की रफ्तार को गति मिलेगी, वहीं दोनों जगहों पर आरओबी (ROB) चालू होने से अब स्थानीय लोगों को रोजाना के भीषण जाम से हमेशा के लिए निजात मिल गई है.

ROB का निर्माण पूरा होने के बाद रेलवे इंजीनियरिंग विभाग ने लिया फैसला

रेलवे इंजीनियरिंग विभाग द्वारा बिहटा-डीडीयू रेलखंड पर आरओबी यानी रोड ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा कराने के बाद दोनों फाटकों को बंद करने का निर्णय लिया गया है. इसी योजना के तहत बक्सर स्टेशन के पूर्व किलोमीटर संख्या 660/23-25 स्थित रेलवे गेट संख्या-70 बी को बीती 31 मई को बंद किया गया था. वहीं, चौसा स्टेशन के पश्चिम किलोमीटर संख्या 673/11-13 पर स्थित गेट संख्या-78 बी को 01 जून से हमेशा के लिए बंद कर दिया गया.

संभावित विरोध को देखते हुए तैनात रहा पुलिस बल, दंडाधिकारी रहे मुस्तैद

दोनों महत्वपूर्ण फाटकों पर विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से दंडाधिकारी के साथ भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था. मौके पर दंडाधिकारी के रूप में कृषि समन्वयक शशि भूषण सिंह को प्रतिनियुक्त किया गया था, ताकि फाटक सील करने के समय स्थानीय लोगों के किसी भी संभावित विरोध से समय रहते निबटा जा सके. हालांकि, प्रशासन के इस कदम का आम लोगों द्वारा किसी तरह का कोई विरोध नहीं किया गया, जिससे अधिकारियों ने राहत की सांस ली.

130 किमी प्रति घंटा की स्पीड से दौड़ेंगी ट्रेनें, केबिन मैन की ड्यूटी खत्म

रेलवे अधिकारियों की मानें तो नवनिर्मित आरओबी से वाहनों का परिचालन सुचारू रूप से शुरू हो जाने के बाद अब नीचे के फाटकों को खुला रखने का कोई औचित्य नहीं रह गया है. इन फाटकों के स्थायी रूप से बंद होने के कारण अब इस ट्रैक पर निर्बाध रूप से ट्रेनों का परिचालन 130 किमी प्रति घंटा की तेज रफ्तार से हो सकेगा. इससे ट्रेनों के अपने निर्धारित समय पर गंतव्य तक पहुंचने की सटीकता बढ़ेगी और क्रॉसिंग पर तैनात रहने वाले केबिन मैन की ड्यूटी की आवश्यकता भी अब नहीं होगी.

वर्ष 2013-14 में मिली थी मंजूरी, कई पेचदगियों के बाद पूरा हुआ सपना

आरओबी के चालू होने के बाद सड़क मार्ग से यात्रा करने वाले यात्री अब क्रॉसिंग पर बगैर किसी रुकावट के फर्राटा भर सकेंगे. इसके चलते न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि बक्सर की एक बड़ी समस्या यानी सड़क जाम से भी पूरी तरह मुक्ति मिलेगी और यात्रा सुगम हो जाएगी. जाहिर है कि दोनों जगहों पर आरओबी निर्माण की सरकारी स्वीकृति वर्ष 2013-14 में ही मिल गई थी. लेकिन भूमि अधिग्रहण और कई अन्य पेचदगियों के कारण इसे पूरा होने में वर्षों का समय लग गया, जिसके बाद आखिरकार अब बक्सर वासियों का यह सपना पूरा हुआ है.

Also Read: जेईई एडवांस में बक्सर के तीन छात्रों ने लहराया परचम, IIT बीटेक में हुआ चयन

विज्ञापन
सूर्यकांत कुमार

लेखक के बारे में

By सूर्यकांत कुमार

सूर्यकांत कुमार प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर हैं और डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों का अनुभव रखते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल चैनल न्यूज रील्स से की. इसके बाद नेशन दर्पण और खबरिया जंक्शन में कार्य किया, जहां कंटेंट राइटिंग, वीडियो एडिटिंग और वॉयस ओवर से जुड़े विभिन्न कार्यों का अनुभव हासिल किया. उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. वर्तमान में वे गया, औरंगाबाद, कैमूर और बक्सर जिलों की स्थानीय (हाइपरलोकल) खबरों, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक मुद्दों और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर काम कर रहे हैं. इसके अलावा खेल और मनोरंजन से जुड़ी खबरों में भी विशेष रुचि रखते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन