बक्सर में 5 कमरों में 6 विषयों की पढ़ाई, अधूरी तैयारी के बीच शुरू हुआ ब्रह्मपुर डिग्री कॉलेज

Author Santosh Kant|Edited by Vivek Singh
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अधूरी तैयारी के बीच ब्रह्मपुर डिग्री कॉलेज का उद्घाटन: पांच कमरों के सहारे छह विषयों की पढ़ाई

ब्रह्मपुर डिग्री कॉलेज का उद्घाटन हुआ, लेकिन बुनियादी सुविधाओं और शिक्षकों की भारी कमी के कारण पहले दिन ही पठन-पाठन कार्य पूरी तरह ठप रहा।

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Brahmpur Degree College Inauguration Buxar : ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को ब्रह्मपुर डिग्री कॉलेज का ऑनलाइन उद्घाटन किया गया. हालांकि उद्घाटन के साथ ही कॉलेज की अधूरी तैयारियां और संसाधनों की कमी चर्चा का विषय बन गई. सीमित कमरों, शिक्षकों की कमी और पहले दिन पढ़ाई शुरू नहीं होने से कॉलेज के संचालन पर सवाल उठने लगे हैं.

buxar News ; पांच कमरों में शुरू हुआ कॉलेज

फिलहाल ब्रह्मपुर डिग्री कॉलेज का संचालन निमेज प्लस टू उच्च विद्यालय द्वारा उपलब्ध कराए गए पांच कमरों में किया जा रहा है. इनमें से एक कमरा प्राचार्य और कार्यालय के लिए आरक्षित है, जबकि शेष चार कमरों में कला संकाय के छह विषयों की कक्षाएं संचालित करने की योजना है. इससे एक साथ सभी विषयों की पढ़ाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं.

शिक्षकों की कमी, नामांकन भी सीमित

कॉलेज में छह विषयों की पढ़ाई के लिए फिलहाल केवल पांच शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गई है. वहीं प्रचार-प्रसार की कमी के कारण छात्रों की संख्या भी अपेक्षा से कम रही. सभी विषयों को मिलाकर अब तक केवल 92 छात्रों ने नामांकन कराया है.

पहले दिन नहीं शुरू हुई पढ़ाई

उद्घाटन समारोह के बावजूद पहले दिन कॉलेज में नियमित पठन-पाठन शुरू नहीं हो सका. छात्र कक्षाओं में नहीं पहुंचे और शैक्षणिक गतिविधियां शुरू करने की पर्याप्त तैयारी भी नजर नहीं आई. स्थानीय लोगों ने उद्घाटन से पहले पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं होने पर भी सवाल उठाए.

इनकी रही मौजूदगी

उद्घाटन समारोह में डीके कॉलेज डुमरांव की प्राचार्या एवं ब्रह्मपुर डिग्री कॉलेज की प्रभारी प्राचार्य डॉ. वीणा कुमारी, उप विकास आयुक्त निहारिका छवि, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के सीनेटर प्रो. बलिराज ठाकुर, विनोद यादव तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी सोनू कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.

सुधार का इंतजार

अब स्थानीय लोगों की नजर विश्वविद्यालय प्रशासन और शिक्षा विभाग पर है कि कॉलेज में भवन, शिक्षकों और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी कब दूर होगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को वास्तव में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा मिल सके.


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