सुस्ती.मादक द्रव्य व हथियारों की ढुलाई कर फल-फूल रहे हैं तस्कर

Published at :01 Mar 2016 4:56 AM (IST)
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सुस्ती.मादक द्रव्य व हथियारों की ढुलाई कर फल-फूल रहे हैं तस्कर

अंतरराज्यीय बसों से जारी है तस्करी बक्सर जिले से उत्तरप्रदेश व झारखंड जानेवाली बसों व धनबाद या अन्य जगहों से बक्सर आनेवाले ट्रकों में कोयला या अन्य सामान में छिपा कर मादक पदार्थों की तस्करी आज कल ज्यादा बढ़ गयी है. विधानसभा चुनाव के समय पुलिस की गश्ती के कारण यह धंधा कम हो गया […]

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अंतरराज्यीय बसों से जारी है तस्करी

बक्सर जिले से उत्तरप्रदेश व झारखंड जानेवाली बसों व धनबाद या अन्य जगहों से बक्सर आनेवाले ट्रकों में कोयला या अन्य सामान में छिपा कर मादक पदार्थों की तस्करी आज कल ज्यादा बढ़ गयी है. विधानसभा चुनाव के समय पुलिस की गश्ती के कारण यह धंधा कम हो गया था, लेकिन पुलिस की सुस्ती के कारण अब यह धंधा बढ़ गया है.
बक्सर : बक्सर से चलनेवाली अंतरराज्यीय बसों पर लदे सामान व लोगों की जांच जिले में कहीं भी नहीं होती. इससे बसों से अवैध व गैर कानूनी कारोबार आसानी से फल फूल रहा है.
बसों के साथ-साथ कोयला लदे ट्रकों एवं अन्य सामान लदे ट्रकों के बीच मादक द्रव्यों को रख कर उत्तरप्रदेश समेत विभिन्न इलाकों में भेजा जाता है. मादक द्रव्यों व हथियारों का कारोबार आसानी से सुगमतापूर्वक सब्जी व बोरे के बंडलों के माध्यम से एक स्थान से दूसरे स्थान पर आ-जा रहा है. जांच नहीं होने से ये अंतरराज्यीय बसें गैर कानूनी धंधेबाजों के लिए सुरक्षित ट्रांसपोर्ट साबित हो रही हैं. बक्सर से उत्तरप्रदेश के बलिया गाजीपुर, रांची, बोकारो की गाडि़यां प्रतिदिन आती-जातीं हैं, पर इन बसों से आने-जानेवाले सामान की जांच नहीं होती है.
बसों की नहीं होती है जांच : जिले से अंतरराज्यीय स्तर पर प्रतिदिन एक दर्जन से ज्यादा बसें चलती हैं. झारखंड के रांची, टाटा, धनबाद, बोकारो के लिए गई बसें जिले से प्रतिदिन आती और जातीं हैं. इन बसों की जांच पुलिस प्रशासन द्वारा कभी नहीं की जाती है. इसके मादक द्रव्यों व अवैध हथियारों के आवागमन का सुरक्षित मार्ग बन चुका है.
सामान के रूप में होता है व्यवसाय : लंबी दूरी की इन बसों पर सब्जी व बोरों की ढुलाई का एक बड़ा व्यवसाय चलता है. बसों पर व्यापक पैमाने पर यात्री से ज्यादा बस की छतों पर सब्जी व बोरे के बंडलों की ढुलाई की जाती है. सूत्रों की मानें, तो बस की छतों पर लदे इन सब्जी के बंडलों के माध्यम से मादक द्रव्यों की पर्याप्त मात्रा में तस्करी की जाती है, जो तस्करों का सुरक्षित आवागमन का साधन बन गया है.
सीमा पर भी नहीं होती जांच : जिले में आनेवाली अंतरराज्यीय बसों पर लदे सामान बक्सर एवं जिले के बारे मोड़ पर ज्यादा मात्रा में उतरता है. बारे मोड़ से मादक द्रव्य बिना रोकटोक के सीधे उत्तरप्रदेश के गाजीपुर जिले में चला जाता है तथा बक्सर से कुंवर सिंह सेतु के सहारे उत्तरप्रदेश के बलिया जिले में चला जाता है.
पूर्व में हुई है कार्रवाई : पूर्व में इन बसों के माध्यम से हथियारों का व्यवसाय करनेवाला जिले का एक युवक औरंगाबाद में हथियार के जखीरा के साथ पकड़ा गया था. समय-समय पर जांच के दौरान मादक द्रव्य, कछुए की तस्करी तथा विगत चुनाव के दौरान अांबेडकर चौक पर पारा मिलिट्री फोर्स द्वारा एक कार को मादक द्रव्य के साथ जब्त किया गया था. बावजूद जिले की पुलिस जिले से गुजरनेवाले अंतरराज्यीय बसों की जांच के प्रति उदासीन है.
क्या कहते हैं जिला परिवहन पदाधिकारी
जिला परिवहन पदाधिकारी तौकीर अकरम कहते हैं कि विधानसभा चुनाव के दौरान कई गाडि़यां पकड़ी गयीं थीं, जिसमें शराब और हथियार पकड़े गये थे. पंचायत चुनाव के परिपेक्ष्य में फिर अभियान चलाया जायेगा और सभी गाडि़यों की चेकिंग की जायेगी, ताकि मादक पदार्थों की आवाजाही रोकी जा सके.
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