मन को प्रिय लगनेवाले कार्य प्रेय मार्ग हैं
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :25 Jul 2015 12:41 AM (IST)
विज्ञापन

बक्सर : सीताराम विवाह आश्रम पर हो रहे भागवत कथा में कथावाचक उमेश भाई ने शुक्रवार को ध्रुव चरित्र के प्रसंग भक्तों को सुनाया. ध्रुव चरित्र में कथा के दौरान कहा कि संपूर्ण मानव उत्तानपाद है. क्योंकि मां के गर्भ में सभी जीव आत्मा के पैर ऊपर होते हैं. दो पत्नियां सुनीति एवं सुरुचि का […]
विज्ञापन
बक्सर : सीताराम विवाह आश्रम पर हो रहे भागवत कथा में कथावाचक उमेश भाई ने शुक्रवार को ध्रुव चरित्र के प्रसंग भक्तों को सुनाया. ध्रुव चरित्र में कथा के दौरान कहा कि संपूर्ण मानव उत्तानपाद है.
क्योंकि मां के गर्भ में सभी जीव आत्मा के पैर ऊपर होते हैं. दो पत्नियां सुनीति एवं सुरुचि का अर्थ है श्रेय मार्ग एवं प्रेय मार्ग. सुनीति का अर्थ है श्रेय मार्ग, सुरुचि का अर्थ प्रेय मार्ग. जो अपनी सद्बुद्धि से विचार करके कल्याणकारी मार्ग का निर्णय ले वह श्रेय मार्ग है एवं जो मन को प्रिय लगनेवाले कार्य को करे वह प्रेय मार्ग है. श्रेय मार्ग को पकड़ कर चलने वाले का उत्थान होता है एवं प्रेय मार्ग को पकड़ कर चलने वालों का पतन हो जाता है. श्रेय मार्ग पर चलने वाले को ध्रुव अर्थात विश्वास नाम का पुत्र होता है.
श्री पृथु जी महाराज को आदि राजा कहा गया है. यद्यपि इनके पूर्व भी बहुत से राजा हो गये हैं किंतु इन्होंने प्रजा के हित के लिए जैसा कार्य किया वैसा इसके पूर्व के राजा नहीं कर पाये. किसानों के ऊंच-नीच जमीन को समतल कर पानी ठहरने योग्य बनाया.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










