38 में 31 सीसीटीवी कैमरे खराब

नगर पंचायत द्वारा लगाये गये सुरक्षा और अपराध की रोकथाम में अहम भूमिका निभाने वाली तीसरी आंख यानी सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से बंद हैं.
ब्रह्मपुर. नगर पंचायत द्वारा लगाये गये सुरक्षा और अपराध की रोकथाम में अहम भूमिका निभाने वाली तीसरी आंख यानी सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से बंद हैं. अपराधियों को पकड़ने के लिए चौक-चौराहों में लगाये गये सीसीटीवी कैमरे महज शो पीस बने हुए हैं. लेकिन उनकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है. इसके लिए थाना के वायरलेस भवन में लगे यंत्र धूल फांक रहे हैं. हालत यह है कि अगर इन चौराहों पर कोई बड़ी घटना हो जाए तो पुलिस को दुकानों व आवासीय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों का सहारा लेना पड़ता है. बता दें कि नगर पंचायत के विभिन्न चौक-चौराहों पर निगहबानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाये गये थे, जो वर्षों से खराब पड़े हए हैं. नगर पंचायत द्वारा 38 कैमरे लगाये गये थे, ताकि तीसरी आंख से नगर पंचायत की निगहबानी हो सके. लेकिन कमीशन के चाह में पूर्व अधिकारियों द्वारा जन प्रतिनिधियों के साथ मिली भगत कर घटिया कैमरे की खरीदारी की गई व ज्यादा का बिल वाउचर लगा कर सरकारी राशि का बंदरबांट कर लिया गया. गुणवत्ता विहिन कैमरे की हुई खरीदारी 38 में 31 खराब नगर पंचायत द्वारा 38 सीसीटीवी कैमरे की खरीदारी कर सुरक्षा के उद्देश्य से लगाया गया था. लेकिन अब मात्र सात कैमरे का कर रहे हैं. कई स्थानों से तो कैमरा भी गायब हो चुका है. कैमरा खराब होने की वजह से अपराधी क्राइम करके निकल जाते हैं और पुलिस लकीर पीटती रह जाती है. घटना घटित होने के बाद पुलिस को अपराधियों की पहचान के लिए निजी भवन व दुकानों में वीडियो फुटेज के लिए दौड़ लगाती रही. सीसीटीवी कैमरे के इंस्टालेशन और सेटअप फर्नीचर, मॉनीटर, डीवीआर सहित अन्य सामानों के लिए लाखों रुपये खर्च किये गये थे, लेकिन चौक-चौराहों पर लगे घटिया किस्म की खरीदारी करने से किसी काम के नहीं रह गये हैं, जिसके चलते अपराधी अपराध करके बेखौफ बचकर निकल जाते हैं. क्या कहते हैं अधिकारी हम अभी कुछ दिन पहले ही प्रभार लिया हूं. सर्वे के लिए जेइ को आदेश दिया गया है. जल्द बंद कैमरे को ठीक करा दिया जायेगा. शिवशक्ति कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत
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