बक्सर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बदतर स्थिति एवं दवा खरीद की गयी भारी पैमाने पर धांधली को लेकर प्रभात खबर ने सोमवार की रात्रि 10:30 बजे स्थानीय परिसदन में भारत सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे से खास बातचीत की थी. जिसमें मंत्री ने स्वीकार किया कि सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति नाजुक हो गयी है.
उन्होंने स्पष्ट कहा कि व्यवस्था को सुधार करने को लेकर एवं दवा खरीद मामले में की गयी धांधली की सूचना स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव से अवगत करा दिया गया है. साथ ही जिला पदाधिकारी बक्सर को भी इस मामले में जांच करने को कहा गया है. प्रभात खबर ने इस मामले को पूर्व में उजागर किया था.
बक्सर : सदर अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने गंभीरता से लेते हुए व्यवस्था में सुधार लाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं. उनका कहना है कि हर हाल में स्वास्थ्य सेवाएं को सुदृढ़ कर दिया जायेगा. मंत्री ने जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा खरीद की गयी तीन गुने रेट पर दवा मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा की यह बहुत बड़ा मामला है. ऐसे मामले की जांच कर कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव एवं जिला पदाधिकारी बक्सर को सूचित कर दिया गया है. बहुत जल्द ही अस्पताल के व्यवस्था में सुधार किया जायेगा. साथ ही जो शिकायतें दवा खरीद की आ रही है, उस मामले को भी गंभीरता से लिया जा रहा है.
दवा खरीदारी की जांच हुई तो गिर सकती है गाज: जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा क्रय की गयी करीब 30 लाख रुपये की दवा मामले की जांच अगर की जाये तो कई अधिकारियों पर गाज गिर सकती है. जांच की बात सामने आने के बाद से संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है.
दवा खरीद में हुई धांधली की जांच की मांग: बक्सर. सदर अस्पताल में खरीद की गयी लाखों रुपये मूल्य की दवाओं में धांधली एवं अन्य कई मामले की जांच करने की मांग जदयू के राज्य सलाहकार समिति के सदस्य भरत मिश्रा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से की है.
श्री मिश्रा ने अपने पत्रांक 36 के तहत दिये गये आवेदन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गयी कई धांधली का पर्दाफाश करते हुए त्वरित कार्रवाई करने की मांग की है. पत्र में भरत मिश्रा ने कांट्रेक्टर रेट से कई गुना ज्यादा कीमत पर दवाओं की खरीद करने, बिना निविदा के ही अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने, नावानगर में नवनिर्मित स्वास्थ्य सामुदायिक केंद्र में फर्नीचर एवं कई उपकरण की खरीदारी बिना टेंडर के खरीद करने आदि मामले की जांच कराने की मांग की है. साथ ही इसकी प्रति बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य सचिव एवं निगरानी विभाग के अपर महानिदेशक को भी प्रेषित की है.
जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा अन्य जिलों से तीन गुने दर पर करीब 30 लाख रुपये की दवा की खरीद कर ली गयी थी. दवा खरीद में समिति द्वारा टेंडर भी नहीं निकाला गया था, जबकि अन्य जिलों में दवा खरीद एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपकरण खरीद करने को लेकर समाचार पत्रों में विज्ञापन निकाला गया था, लेकिन बक्सर जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा सारी प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए दवा की खरीद मनमाने ढंग से की गयी.