फर्जी कागजात के सहारे हो रही गाड़ियों की जमानत

बक्सर कोर्ट : गाड़ियों के दुर्घटनाग्रस्त होने पर ड्राइवर एवं गाड़ी दोनों का बेल कराना पड़ता है. गाड़ियों की जमानत के लिए ओनरबुक, ड्राइविंग लाइसेंस एवं बीमा के कागजात की आवश्यकता होती है. वहीं चालक के लिए ड्राइविंग लाइसेंस एवं बेलदार काफी होते हैं. गाड़ी मालिकों के लिए बीमा के कागजात को जमा करना टेढ़ीखीर […]
बक्सर कोर्ट : गाड़ियों के दुर्घटनाग्रस्त होने पर ड्राइवर एवं गाड़ी दोनों का बेल कराना पड़ता है. गाड़ियों की जमानत के लिए ओनरबुक, ड्राइविंग लाइसेंस एवं बीमा के कागजात की आवश्यकता होती है. वहीं चालक के लिए ड्राइविंग लाइसेंस एवं बेलदार काफी होते हैं. गाड़ी मालिकों के लिए बीमा के कागजात को जमा करना टेढ़ीखीर होता है. क्योंकि प्रत्येक वर्ष बस एवं ट्रकों के बीमा कराने में औसतन 25 से 30 हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं. ऐसे में इक्का-दुक्का व्यावसायिक बड़े वाहनों के बीमा के कागजात उपलब्ध करा पाते हैं. दुर्घटना की स्थिति में वाहन मालिकों द्वारा फर्जी बीमा के कागजात के सहारे गाड़ियों की जमानत आसानी से करा ली जाती है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




