नाव परिचालन पर जिला प्रशासन का नहीं है नियंत्रण

Updated at : 03 Jan 2018 12:56 AM (IST)
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नाव परिचालन पर जिला प्रशासन का नहीं है नियंत्रण

बक्सर : गंगा में बिना निबंधन के नावों का परिचालन जारी है. नियमों की अनदेखी कर नाव चलाये जा रहे हैं, जिससे हादसा होने का खतरा बना रहता है. नावों पर मानक के अनुरूप सुरक्षा के प्रबंध नहीं हैं. नाव परिचालन के लिए प्रशिक्षित नाविकों का भी अभाव है. अकुशल और अप्रशिक्षित लोगों के द्वारा […]

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बक्सर : गंगा में बिना निबंधन के नावों का परिचालन जारी है. नियमों की अनदेखी कर नाव चलाये जा रहे हैं, जिससे हादसा होने का खतरा बना रहता है. नावों पर मानक के अनुरूप सुरक्षा के प्रबंध नहीं हैं. नाव परिचालन के लिए प्रशिक्षित नाविकों का भी अभाव है. अकुशल और अप्रशिक्षित लोगों के द्वारा नावों का परिचालन किया जा रहा है.

नावों पर क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर गंगा में ले जाया जाता है. माल वाहक नावों पर भी क्षमता से अधिक लदान किया जा रहा है. सरकारी आदेश के बावजूद नदी में रात के अंधेरे में मछली मारनेवाली नावों का परिचालन मछुआरों द्वारा किया जाता है. इसके प्रति प्रशासन उदासीन है. नियमों की अनदेखी करनेवाले नाव परिचालकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है.

नियमों की हो रही है अनदेखी : बक्सर शहर और आस-पास के गंगा नदी के घाटों पर उसपार से बालू लेकर आनेवाली नावों पर क्षमता से अधिक लदान हो रहा है. रामरेखा घाट से उजियार घाट के अलावा यूपी के अन्य गांवों को जानेवाली नावों पर यात्रियों को भी क्षमता से अधिक लोडिंग किया जा रहा है. निबंधन के लिए प्राप्त आवेदनों की जांच अंचल पदाधिकारी और मोटरयान निरीक्षक को करना है.
इन स्थानों पर होता है नावों का परिचालन : गंगा नदी में बक्सर से लेकर चौसा तक व ब्रह्मपुर क्षेत्र के दियारा से लेकर नदी के छाड़न में बलिया जिले के विभिन्न घाटों तक जानेवाली जिले में एक भी नाव निबंधित नहीं है. इन घाटों पर चलनेवाली नौकाओं की दशा क्या है, इसे देखने व सुननेवाला भी कोई नहीं है. इस पार से उस पार के रोजाना कार्यों के अलावा मुंडन संस्कार के लिए हजारों नर-नारियों की भीड़ प्रत्येक शुभ मुहूर्त के दिन जाती है.
ऐसी स्थिति में पुरानी नावों पर क्षमता से अधिक लोगों की भीड़ का सवार होना खतरे को आमंत्रित करता है.
क्या है नाव निबंधन के नियम : नदी में नावों का परिचालन करने के लिए बंगाल फेरी घाट की तर्ज पर बनाये गये नाव निबंधन अधिनियम के तहत नावों का निबंधित कराना है. नावों का निबंधन करने के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी सक्षम प्राधिकार हैं. अंचल पदाधिकारी, मोटर यान निरीक्षक, जिला परिवहन पदाधिकारी और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार के अधिकारी नावों के परिचालन की जांच करने तथा नियम का उल्लंघन करनेवालों के खिलाफ जुर्माना करने के लिए अधिकृत हैं.
किया जायेगा निबंधन
निबंधन के लिए प्राप्त आवेदनों की जांच अंचल पदाधिकारी और मोटरयान निरीक्षक करेंगे. बिना निबंधन के नाव परिचालन करनेवालों की जांच करने का निर्देश अंचल पदाधिकारी और मोटरयान निरीक्षक को दिया गया है. शिविर लगाकर नावों का निबंधन किया जायेगा.
दिवाकर झा, जिला परिवहन पदाधिकारी, बक्सर
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