डुमरांव प्रखंड की छह व नवानगर की दो पंचायतें होंगी शामिल
Updated at : 03 Jan 2018 12:54 AM (IST)
विज्ञापन

बीडीओ ने की जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक पगडंडियों के सहारे स्कूल पहुंचती हैं छात्राएं हाल नंदन गांव के कन्या मध्य विद्यालय का गुरुजन आधा किलोमीटर दूरी पर रखते हैं अपने वाहन डुमरांव : एक ऐसा विद्यालय, जहां बच्चे गर्मी व बरसात के दिनों में पगड़ड़ियों के सहारे पहुंचते हैं. सूबे के मुखिया नीतीश कुमार का […]
विज्ञापन
बीडीओ ने की जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक
पगडंडियों के सहारे स्कूल पहुंचती हैं छात्राएं
हाल नंदन गांव के कन्या मध्य विद्यालय का
गुरुजन आधा किलोमीटर दूरी पर रखते हैं अपने वाहन
डुमरांव : एक ऐसा विद्यालय, जहां बच्चे गर्मी व बरसात के दिनों में पगड़ड़ियों के सहारे पहुंचते हैं. सूबे के मुखिया नीतीश कुमार का आगमन 10 जनवरी के बाद डुमरांव प्रखंड अंतर्गत नंदन गांव में होनेवाला है, जिसको लेकर जिला सहित अनुमंडल व प्रखंड के अधिकारी किसी प्रकार के विकास में कोताही न हो, इसके लिए दिन रात लगे हैं लेकिन नंदन गांव में छह दशक बीतने के बाद कन्या मध्य विद्यालय में जाने के लिए रास्ता तक नहीं है. बरसात के दिनों में स्कूल के चारों ओर पानी होने से टापू सा नजारा दिखता है, जिससे विद्यालय में उस समय उपस्थित न के बराबर होती है. स्कूल में नामांकित छात्राओं की संख्या 254 है.
स्कूल की स्थापना वर्ष 1954 में एक प्राथमिक स्कूल के रूप में हुई थी. पांचवीं के बाद छात्राओं को पांच किलोमीटर दूरी तय कर डुमरांव की तरफ रुख करना पड़ता था. दूरी के चलते बच्चियों की पढ़ाई बाधित हो जाती थी लेकिन ग्रामीणों के प्रयास से इसे उत्क्रमित मध्य विद्यालय कर दिया गया. इस विद्यालय में प्राथमिक स्कूल रामवृक्ष राय के डेरा एक भवन में संचालित होता है. इसके 73 छात्र-छात्राओं को पगडंडियों का सहारा लेकर स्कूल में जाना पड़ता है. हालांकि इसका नया भवन गांव में बना हुआ है लेकिन फर्श, खिड़की व दरवाजा नहीं है. छात्राएं लालसा, अंजली, अनिता, प्रीति, मनीषा, शोभा, आदि का कहना है कि स्कूल में जाने के लिए रास्ते नहीं होने से परेशानी होती है. गांव में मुख्यमंत्री जी आ रहे हैं. हमलोग बहुत खुश हैं. सीएम अंकल से स्कूल तक रोड बनवाने को कहेंगे. इस संबंध में एचएम अजय कुमार ने बताया कि गांव की ओर स्कूल में आने के लिए गांव के कुछ लोग जमीन दान करने के इच्छुक हैं. अगर जनप्रतिनिधि व ग्रामीणों का प्रयास रहा तो स्कूल में आवागमन के लिए बेहतर रास्ता बन सकता है.
बातचीत हो रही है
स्कूल में आगवान के लिए परेशानी है लेकिन स्कूल जाने के रास्ते में जिनकी जमीन है, उनसे बात कर समस्या का समाधान होगा.इस दिशा में हमलोग पहल कर रहे हैं.
राजीव कुमार पाठक, मुखिया
समस्या का समाधान होगा
छात्राएं पगडंडियों के सहारे स्कूल पहुंची हैं. समस्या रास्ता का है. ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों से बातचीत कर समस्या का निदान निकाला जायेगा.
विजय कुमार प्रसाद, बीईओ
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




