पति की हत्या में आजीवन कारावास

Updated at : 06 Dec 2017 6:56 AM (IST)
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पति की हत्या में आजीवन कारावास

फैसला . आशिक के साथ मिल पति की पत्थर से कूच कर की थी हत्या कोर्ट ने दोनों को पाया था दोषी, सुनायी सजा बक्सर कोर्ट : जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव के न्यायालय ने पति की हत्या के मामले में पत्नी एवं उसके आशिक को दोषी पाते हुए मंगलवार को आजीवन कारावास […]

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फैसला . आशिक के साथ मिल पति की पत्थर से कूच कर की थी हत्या

कोर्ट ने दोनों को पाया था दोषी, सुनायी सजा
बक्सर कोर्ट : जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव के न्यायालय ने पति की हत्या के मामले में पत्नी एवं उसके आशिक को दोषी पाते हुए मंगलवार को आजीवन कारावास की सजा सुनायी. कोर्ट ने इस कांड से जुड़े छह गवाहों की गवाही सुनने के बाद उसे दोषी पाया था, जिसके बाद सजा सुनायी गयी. उक्त मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू मृतक के पांच एवं सात वर्षीय मासूम पुत्र एवं पुत्री हैं, जिन्होंने घटना का चश्मदीद गवाही पुलिस को दी थी. मामला राजपुर थाना कांड संख्या 129/2016 एवं सेशन ट्रायल 268/2016 से संबंधित है. हत्या को रहस्यमय बनाने के लिए हत्यारों ने सुनियोजित तरीका अपनाया था.
11 जुलाई, 2016 को राजपुर थाना के सरेंजा गांव की रहनेवाली ज्ञानवती देवी उर्फ ज्ञांति देवी ने पुलिस को फोन करके बताया कि उसका पति घर नहीं लौटा है, जिसके बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दी. दूसरे दिन पुलिस को जांच के क्रम में मृतक की लाश बोरे में बंद मिली. इसके बाद जब पुलिस ने अपने अनुसंधान को आगे बढ़ाया तो उसके होश उड़ गये. क्योंकि मृतक की हत्या के पीछे उसकी पत्नी एवं उसका आशिक अमर चौहान का नाम सामने आ गया. दोनों ने रात में पत्थरों से कूच-कूच कर हत्या को अंजाम दिया था. सुनवाई में सरकार की तरफ से अपर लोक अभियोजक गोपाल शर्मा ने बहस में हिस्सा लिया.
शादी के पहले से दोनों के बीच में था प्रेम प्रसंग : शादी से पहले से ही ज्ञांति देवी का अमर चौहान से प्रेम प्रसंग चल रहा था. शादी के बाद उसका प्रेमी उसके ससुराल में ही जाकर बस गया था, जहां दोनों के बीच कई बार अंतरंग संबंध भी स्थापित हुए थे. महिला का पति मनोज चौहान इसका विरोध करता था, जिससे आये दिन पति और पत्नी के बीच विवाद उत्पन्न होता था. ऐसा होते देख पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की योजना बनायी. इसके बाद 11 जुलाई, 2016 को दोनों ने मिलकर मनोज चौहान की हत्या कर दी.
मासूमों ने दी गवाही तो बदल गयी केस की तफ्तीश : हत्याकांड में सबसे रोचक बात यह थी कि मनोज चौहान की पत्नी ज्ञांति देवी ने अपने पति के गुमशुदगी का सनहा थाने में दर्ज कराया था, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. जांच के क्रम में जब पुलिस ने मनोज के घर के सदस्यों से पूछताछ शुरू की तो मृतक के दो मासूम बच्चों ने बताया कि उनकी मां अमर के साथ मिलकर रात में पिता की पत्थर से कूच-कूच कर हत्या कर दी.
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