तालाबों की फर्जी बंदोबस्ती दिखा हो रहा मत्स्यपालन

Updated at : 22 Sep 2017 5:00 AM (IST)
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तालाबों की फर्जी बंदोबस्ती दिखा हो रहा मत्स्यपालन

विभाग ने कहा, अभी नहीं हुई है बंदोबस्ती आये दिन मछली मारने को लेकर होती है हिंसक झड़प बक्सर : जिले के तालाबों में अवैध तरीके से मछलीपालन किया जा रहा है. विभाग ने कुछ ही तालाबों की बंदोबस्ती की है. विभाग के पास जिन तालाबों की बंदोबस्ती की गयी है. उनके सारे कागजात मौजूद […]

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विभाग ने कहा, अभी नहीं हुई है बंदोबस्ती

आये दिन मछली मारने को लेकर होती है हिंसक झड़प
बक्सर : जिले के तालाबों में अवैध तरीके से मछलीपालन किया जा रहा है. विभाग ने कुछ ही तालाबों की बंदोबस्ती की है. विभाग के पास जिन तालाबों की बंदोबस्ती की गयी है. उनके सारे कागजात मौजूद हैं. वर्तमान में 138 तालाब ऐसे हैं, जिनकी बंदोबस्ती नहीं की गयी है, लेकिन वहां पर भी मछलीपालन का कार्य दबंगई से किया जा रहा है. हाल के दिनों में मछली मारने को लेकर हिंसक झड़प भी हुई है. जिले में भूमाफिया लगातार सरकारी तालाबों पर कब्जा कर प्लाटिंग कर रहे हैं और कब्जा करवाने में प्रशासन की मिली भगत सामने आ रही है. एक तरफ सरकार मनरेगा योजना के तहत करोड़ों रुपये लगाकर तालाबों की खुदाई करवा रही है. वहीं, भूमाफिया तालाबों को पाट कर उन पर अवैध प्लाटिंग कर मोटी रकम कमा रहे हैं.
कई बार पत्राचार के बावजूद कब्जे की होड़ : मछुआरों के जीवन स्तर को सुधारने को लेकर सरकार कई योजनाओं को लागू कर रही है़. वहीं, शहर में ऐसे कई तालाब हैं, जो अतिक्रमित हैं और यहां मछुआरे मछली पालन नहीं करते हैं. यह अतिक्रमण स्थानीय लोगों द्वारा लगातार किया जा रहा है़. लोग तालाबों को भरते जा रहे हैं और अपने मनमाफिक अतिक्रमण करते जा रहे हैं. जिला मत्स्य विभाग ने अतिक्रमण हटाने को लेकर कई बार अंचलाधिकारी को पत्र लिख चुका है़. बावजूद इसके बक्सर अंचल विभाग तालाबों से अतिक्रमण नहीं हटा सका.
शहर के ये तालाब हैं अतिक्रमित
नया बाजार स्थित मितो पोखरा, बसांव मठिया के सामने विश्राम पोखरा, स्टेशन रोड स्थित सीनेटरी गड़हा, मल्लाह टोली स्थित चमरगड़ही तालाब अतिक्रमण की चपेट में है़. नया बाजार के मितो तालाब को लोगों ने चारों तरफ से अतिक्रमित कर रखा है़. पोखरे को लगातार भरा जा रहा है और उसमें अपने मकानों का विस्तार भी दिया जा रहा है़. इसके अलावे चमरगड़ही और सीनेटरी गड़हा का हाल भी यही है़. बावजूद इसके प्रशासन लापरवाह बना हुआ है़.
कई बार पत्र लिखने के बाद भी नहीं हटा अतिक्रमण
जिले भर के अतिक्रमित तालाबों को मुक्त कराने के लिए अंचलाधिकारी को पत्र लिखा गया है, पर अब तक कुछ नहीं हो पाया. यदि तालाब अतिक्रमणमुक्त हो जाते हैं, तो मछुआरों के लिए काफी रोजगार के अवसर पैदा हो जायेंगे और उनकी माली हालत ठीक हो जायेगी.
नागेंद्र कुमार, मत्स्य पदाधिकारी
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