गंगा में भी भूमाफिया पसार रहे पांव
Updated at : 29 Jul 2017 1:57 AM (IST)
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कब्जा. सिकुड़ गया है पौराणिक रामरेखा घाट, अतिक्रमण से लगता है जाम श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी, चोरी की घटनाएं भी बढ़ीं बक्सर : शहर के सरकारी जमीनों पर अवैध निर्माण करनेवाले प्रशासन के मुलायम रवैये का खूब फायदा उठा रहे हैं. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल से रोक के बावजूद गंगा किनारे धड़ल्ले से निर्माण कार्य […]
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कब्जा. सिकुड़ गया है पौराणिक रामरेखा घाट, अतिक्रमण से लगता है जाम
श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी, चोरी की घटनाएं भी बढ़ीं
बक्सर : शहर के सरकारी जमीनों पर अवैध निर्माण करनेवाले प्रशासन के मुलायम रवैये का खूब फायदा उठा रहे हैं. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल से रोक के बावजूद गंगा किनारे धड़ल्ले से निर्माण कार्य चल रहा है. बक्सर में गंगा किनारे अतिक्रमण कर निर्माण कार्य चल रहा है और प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं है. ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठने स्वाभाविक हैं. ऐतिहासिक रामरेखा घाट के पास गंगा के किनारे इन दिनों अतिक्रमण कर निर्माण किया जा रहा है.
इसके आगे सती घाट की ओर नदी के किनारे की पहाड़ीनुमा जमीन को काटकर दीवार बनायी जा रही है. ताड़का नाला के दोनों ओर अतिक्रमणकारी इस कदर काबिज हो गये हैं कि नाला का अस्तित्व मिटने के कगार पर है. अतिक्रमण का यह सूरतेहाल तब है, जबकि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण की ओर से नदी किनारे किसी भी तरह के निर्माण पर सख्त पाबंदी है. ऐसे में स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं.
प्रशासन की नाक के नीचे अतिक्रमण : ऐतिहासिक रामरेखा घाट पर अतिक्रमण से रास्ते सिकुड़कर 10 फुट भी नहीं रह गये हैं. विश्वामित्र रामरेखा घाट द्वार से गंगा की ओर जा रहे रास्ते के दोनों किनारे दुकानदारों ने अवैध तरीके से 10-10 फुट टीनशेड निकाल कर अतिक्रमण किया है. वहीं, अतिक्रमण के बाद सड़क पर ही ठेले खोमचेवालों का बोलबाला है. अतिक्रमण से सड़क बिल्कुल सिकुड़ गयी है. यहां हर पर्व त्योहार व गंगा स्नान के अलावा सावन में भक्तों की भारी भीड़ जुटती है, जिससे जाम में काफी मशक्कत करना पड़ता है, लेकिन प्रशासन ने अतिक्रमणकारियों के आगे घुटने टेक दिये हैं.
अतिक्रमणकारियों के डर से बैकफुट पर प्रशासन : शहर के रामरेखा घाट इलाके में अतिक्रमण हटाना प्रशासन के लिए भी चुनौती बना है. भूमाफियाओं का मनोबल इतना ज्यादा बढ़ गया है कि अतिक्रमणकारियों के आगे प्रशासन बैकफुट पर है. पिछले दिनों अतिक्रमण हटाने के क्रम में यहां जमकर बवाल हुआ था. अतिक्रमण हटाने का विरोध कर रहे लोगों ने पुलिस व प्रशासन के लोगों को खदेड़ दिया तथा जेसीबी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था. इस दौरान इन लोगों ने रोड़ेबाजी भी की, जिसके बाद पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी वहां से भाग कर अपने को बचाये.
पुलिस की सह पर जुआरियों का अड्डा : कहा जाता है कि अगर पुलिस चाहे, तो बदमाशों की नानी याद आने लगे. लेकिन, होता इसके उलट है. रामरेखा घाट पर आये दिन श्रद्धालुओं से छिनतई, चोरी व छींटाकशी के अलावा दुकानदारों से मारपीट की घटनाएं भी घटती हैं. यहां घाट के समीप अवैध तरीके से मंदिर और होटल बनाकर असामाजिक तत्वों की बैठकी लगती है. ये यहां के अवैध कब्जाधारियों के संरक्षक के तौर पर मस्ती करते हैं. वहीं, सूत्रों का कहना है कि पुलिस भी इन नशेड़ियों को सह देती है. कभी पुलिसवालों ने इन पर कार्रवाई नहीं की, जिससे आये दिन चोरी की घटनाएं प्रतिवेदित होती रहती हैं.
अतिक्रमण हटाने के लिए चलेगा अभियान
सावन शुरू होने के पूर्व रामरेखा घाट से अवैध दुकानदारों को हटाया गया था. अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध जल्द ही अभियान चलाकर उन पर कार्रवाई की जायेगी. ताड़का नाले के अतिक्रमण पर नगर पर्षद कार्रवाई करेगा.
गौतम कुमार, सदर एसडीओ, बक्सर
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