बिहार के इन 4 जिलों की ग्रामीण सड़कों के लिए सरकार का मास्टरप्लान, जल्द बदलेगी सूरत

Published by : Preeti Dayal Updated At : 08 Apr 2026 7:46 AM

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ग्रामीण सड़क (सांकेतिक तस्वीर)

Bihar Road Project: बिहार में ग्रामीण इलाके की सड़कों को मुख्य सड़क से जोड़ने का काम जोर-शोर से चल रहा है. अब तक 1.21 लाख ग्रामीण सड़कें मुख्य सड़क से जुड़ चुकी हैं. इसके अलावा अगर गांव में टूटी सड़क है तो इसके लिए ऐप के जरिए शिकायत करने की भी सुविधा है.

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Bihar Road Project: बिहार में ग्रामीण कार्य विभाग ने चार जिले की करीब दर्जन भर सड़कों को पथ निर्माण विभाग को सौंपने का निर्णय लिया है. इनमें कैमूर, रोहतास, जमुई और लखीसराय जिला शामिल हैं. इनकी लंबाई 24.765 किलोमीटर है. इनमें से सबसे अधिक रोहतास जिला की सड़कें हैं. इसका मकसद राज्य में ग्रामीण इलाकों की सड़कों को बेहतर बनाना और उसकी चौड़ाई बढ़ाकर बेहतर आवागमन सुनिश्चित करना है.

सड़कों को लेकर अधिसूचना जारी

सड़कों के विभागीय स्थानांतरण के लिए अधिसूचना जारी हो चुकी है. सूत्रों के अनुसार, कैमूर जिले में रामगढ़ रोड से एनएच-30 भाया भुडी टेकारी तक 3.250 किलोमीटर लंबाई में एक सड़क शामिल है. जमुई जिले में पीडब्लूडी-इंदपे-सिंगारपुर मांझी टोला पथ तक 0.660 किलोमीटर है. रोहतास जिला में बहतुतिया मोड़ से बहतुतिया तक 0.400 किलोमीटर, बेदवलिया से ममरेजपुर तक डेढ़ किलोमीटर लंबाई में सड़कें हैं.

अब तक इतनी पक्की सड़कें मुख्य सड़क से जुड़ी

राज्य की 1.21 लाख ग्रामीण बसावटों को बारहमासी पक्की सड़कों से जोड़ने का काम पूरा हो चुका है. अब उन ग्रामीण बसावटों का सीधा जुड़ाव बड़े राजमार्गों से भी किया जा रहा है. इसके लिए ग्रामीण कार्य विभाग ने राज्य में सुलभ संपर्कता योजना की शुरुआत की है. यह पहल ग्रामीण इलाकों को सीधे उच्च श्रेणी के रास्तों से जोड़ते हुए विकास की गति को नई रफ्तार देगा.

गांव में टूटी सड़क के लिए यहां करें शिकायत

गांव में टूटी सड़क या सड़क में गड्डा दिखे तो आप इसकी शिकायत अपने मोबाइल पर हमारा बिहार-हमारी सड़क ऐप के माध्यम से कर सकते हैं. उस शिकायत पर जल्द कार्रवाई होगी और सड़क की मरम्मति हो जाएगी. जानकारी के मुताबिक, ग्रामीण कार्य विभाग ने ‘हमारा बिहार हमारी सड़क’ एंड्रॉयड ऐप डेवलप किया है. यह ऐप फ्री में उपलब्ध है, जिसे कोई भी यूजर गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकता है.

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प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

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