नहर पर भी लोगों ने जमा लिया कब्जा
Updated at : 26 Jul 2017 4:55 AM (IST)
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अनदेखी. अतिक्रमणकारियों के आगे मौन हैं प्रशासनिक अधिकारी बाइपास की बड़ी नहर पर लोगों ने बना लिया मकान नहर विभाग के कार्यालय पर भी हो रहा है कब्जा बक्सर : नहर विभाग की जमीन है ‘जितना चाहो दखल करो’ बक्सर जिले में नहर विभाग की जमीन पर अतिक्रमणकारियों को खुली छूट मिल गयी है और […]
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अनदेखी. अतिक्रमणकारियों के आगे मौन हैं प्रशासनिक अधिकारी
बाइपास की बड़ी नहर पर लोगों ने बना लिया मकान
नहर विभाग के कार्यालय पर भी हो रहा है कब्जा
बक्सर : नहर विभाग की जमीन है ‘जितना चाहो दखल करो’ बक्सर जिले में नहर विभाग की जमीन पर अतिक्रमणकारियों को खुली छूट मिल गयी है और जिसे मन कर रहा वही कब्जा कर ले रहा है. यही नहीं नगर विभाग के मकान में भी अन्य सरकारी कार्यालय चल रहे हैं. शहर के बाइपास से लेकर नाथ बाबा पुल तक नहर विभाग का लंबा चौड़ा क्षेत्र फैला हुआ है. धीरे-धीरे नहर सूख जाने के कारण नहर न बन कर सपाट मैदान हो गयी है. उन मैदानी भागों पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा बढ़ता जा रहा है.
बारिश के दिनों में नहर में थोड़ा-बहुत पानी दिखता है, बाकी समय में नहर सूखी रहती है. इसका फायदा उठा कर अतिक्रमणकारियों ने झोंपड़ियां डाल दी हैं. झोंपड़ी डाले जाने का सिलसिला बदस्तूर जारी है. इतना ही नहीं नहर विभाग की जमीन पर अतिक्रमण कर दुकानें भी बनायी गयीं हैं, जो झोंपड़ी और पक्के कंस्ट्रक्शन का रूप ले चुकीं हैं.
जानकारी के अनुसार शुरुआत में तो गरीब-गुरबों ने ही झोंपड़ियां बनायीं और अतिक्रमण किया था, मगर देखते-ही-देखते जमीन के कारोबारियों की नजर उन जमीनों पर पड़ी और उनकी ओर से भी संपन्न लोग कब्जा जमाने में पीछे नहीं रहे. आलम यह है कि बाइपास से लेकर नाथ बाबा पुल तक करीब चार दर्जन झोंपड़ियां और दुकानें बन चुकी हैं और प्रशासन के नाक के नीचे यह अतिक्रमण बदस्तूर जारी है. इस पर रोक लगाने में नहर विभाग न सिर्फ विफल है, बल्कि अतिक्रमण को रोकने के लिए प्रशासनिक पहल भी शुरू नहीं हो पायी है.
जमीन के साथ-साथ विभाग के मकानों पर हो रहा कब्जा: नहर विभाग की जमीन पर अतिक्रमण के साथ-साथ उनके मकानों और कार्यालयों पर भी लोगों की नजर टिकी है. यहां तक कि कई सरकारी कार्यालय भी नहर विभाग के कार्यालयों और भवनों में चल रहे हैं. नहर विभाग का काम दिनों दिन घटता जा रहा है. क्योंकि नहरों में पानी का सदैव अभाव बना रहता है, जिसका लाभ अतिक्रमणकारी उठा रहे हैं.
भू-माफिया झोंपड़ी बना वसूल रहे किराया: नहर विभाग की जमीन के अतिक्रमण में भू-माफिया भी प्रवेश कर चुके हैं और सरकारी जमीन के अतिक्रमण में उन लोगों की भी भागीदारी हो रही है. सूत्र बताते हैं कि अतिक्रमणकारियों के ठेकेदार उन लोगों से पैसे भी वसूल रहे हैं. जिन लोगों ने अब तक झोंपड़ियां बनायी हैं, उनमें से अधिकांश लोगों से जमीन के ठेकेदारों ने अवैध वसूली की है. जिसके बारे में नहर विभाग तक को जानकारी नहीं है अथवा नहर विभाग के कतिपय अधिकारियों की मिलीभगत से इस मामले में अंकुश नहीं लगाया जा सका है.
नहरों का विकास व विस्तार वर्षों से है बंद: फिलहाल नहर विभाग पर बने कटहिया पुल और नाथ बाबा पुल पर पुराने पुलों को तोड़ कर नये पुल बनाये जा चुके हैं. इन पुलों के निर्माण के समय बनाये गये डायवर्सन नहीं हटाये गये हैं. इस नहर का हिस्सा गंगा नदी तक जाता है, जबकि दूसरी तरफ नहर विभाग का हिस्सा सिंडिकेट तक भी जाता है. नहरों का विकास और विस्तार वर्षों से बंद होने के कारण खाली पड़ी जमीन पर भू-माफियाओं की नजर है. न सिर्फ बक्सर का शहरी क्षेत्र बल्कि देहाती क्षेत्रों में भी नहर की जमीन पर लगातार अतिक्रमण कर झोंपड़ियां डाली जा रही हैं. क्योंकि कई नहरों में टेल तक पानी ही नहीं पहुंचता.
क्या कहते हैं अधिकारी
विभाग की जमीनों के अतिक्रमण से संबंधित सूचना मिलने पर कार्रवाई की गयी थी. अंचलाधिकारी से अतिक्रमण हटाने को लेकर पत्राचार भी किया गया है. जल्द ही अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई की जायेगी.
ललित मोहन सिन्हा, कार्यपालक अभियंता सोन नहर प्रमंडल
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