ePaper

Budget 2025: निर्मला सीतारमण पहनी बिहार से गिफ्ट में मिली साड़ी, जानिए किस महिला का निभाया वादा

Updated at : 01 Feb 2025 11:51 AM (IST)
विज्ञापन
nirmala sitharaman| Budget 2025: Nirmala Sitharaman is wearing the saree gifted by Padma Shri Dulari Devi.

राष्ट्रपति के साथ निर्मला सीतारमण

Budget 2025: देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज शनिवार को आठवां बजट पेश करने वाली हैं. इस मौके पर वे मधुबनी कला और पद्म श्री विजेता दुलारी देवी के कौशल और प्रतिभा के सम्मान में उनकी दी हुई साड़ी पहनी हैं.

विज्ञापन

Budget 2025| Nirmala Sitharaman Saree gifted by bihar: देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज शनिवार को आठवां बजट पेश करने वाली हैं. यह मोदी 3.0 का पहला पूर्ण बजट है. इस मौके पर वित्त मंत्री द्वारा पहनी गई साड़ी बहुत ही खास है. मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मधुबनी कला और पद्म श्री विजेता दुलारी देवी के कौशल और प्रतिभा के सम्मान में यह साड़ी पहनी हैं.

बता दें कि दुलारी देवी 2021 की पद्म श्री पुरस्कार विजेता हैं. जब वित्त मंत्री मिथिला कला संस्थान में क्रेडिट आउटरीच प्रोग्राम में मधुबनी गईं थी तो उनकी मुलाकात दुलारी देवी से हुई थी. बिहार में मधुबनी कला पर दुलारी देवी के साथ वित्त मंत्री का सौहार्दपूर्ण विचारों का आदान-प्रदान हुआ. दुलारी देवी ने वित्त मंत्री को साड़ी भेंट की और बजट के दिन इसे पहनने के लिए कहा. उन्हीं के सम्मान में निर्मला सितारमण आज बजट के दिन यह साड़ी पहनी हैं.

दुलारी देवी को 2021 में मिला था पद्म श्री

दुलारी देवी ने साड़ी गिफ्ट देते समय कहा था कि ‘बजट वाले दिन इसे आप पहनिएगा. आज हाफ शोल्डर रेड ब्लाउज के साथ वित्त मंत्री ने वही साड़ी पहनी है. दुलारी देवी मधुबनी जिले के रांटी गांव की रहने वाली हैं और उन्हें 2021 में पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था. मधुबनी पेंटिंग में उनके योगदान को लेकर केंद्र सरकार ने उन्हें यह सम्मान दिया था.

Also Read: नीतीश सरकार ने केंद्र से मांगा है 1.5 लाख करोड़ रुपये का बजट, जानिए क्या-क्या मिलने की है उम्मीद

मधुबनी के रांटी गांव में एक मछुआरा परिवार में हुआ था जन्म

दुलारी देवी का जन्म 27 दिसंबर 1967 को मधुबनी के रांटी गांव में एक मछुआरा परिवार में हुआ था. उनके पिता का नाम मुसहर मुखिया और मां का नाम धनेश्वरी देवी था. पिता और भाई परीक्षण मुखिया मछली पकड़ने का काम करते थे जबकि मां खेतिहर मजदूर थीं. घर की माली हालत बहुत खराब थी, लिहाजा नन्हीं दुलारी ने जल्दी ही घर की जिम्मेदारियों में माता-पिता का हाथ बंटाना शुरू कर दिया था.

दुलारी देवी कचनी शैली में करती हैं पेंटिंग

दुलारी देवी मिथिला पेंटिंग की कचनी शैली में पेंटिंग करती हैं और उन्होंने पौराणिक या मिथिकीय आख्यानों या राजा सहलेस की कहानियों की जगह मछुआरों और किसानों के जीवन को अपनी पेंटिंग में उतारा है. अपनी पेंटिंग में ग्रामीण परिवेश और उसकी समसामयिक चुनौतियों को जगह देने का अलहदा प्रयोग शुरू किया है. जिसने उन्हें मिथिला पेंटिंग में सबसे अलग पहचान दिलाई है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

विज्ञापन
Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन