पटना से वैशाली ले जाया जायेगा बुद्ध का अस्थि कलश, नीतीश बोले- पटना संग्रहालय में ही रहेंगी पांडुलिपियां
Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 23 Mar 2021 7:04 AM
पटना संग्रहालय से भगवान बुद्ध के अस्थि कलश को वैशाली के बुद्ध सम्यक दर्शन ले जाया जायेगा. पटना संग्रहालय में डॉ राजेंद्र प्रसाद दीर्घा, पंडित राहुल सांकृतायन दीर्घा,आर्ट गैलरी, पेंटिंग गैलरी व भगवान बुद्ध अस्थि कलश दीर्घा बनाया जायेगा.
पटना. पटना संग्रहालय से भगवान बुद्ध के अस्थि कलश को वैशाली के बुद्ध सम्यक दर्शन ले जाया जायेगा. पटना संग्रहालय में डॉ राजेंद्र प्रसाद दीर्घा, पंडित राहुल सांकृतायन दीर्घा,आर्ट गैलरी, पेंटिंग गैलरी व भगवान बुद्ध अस्थि कलश दीर्घा बनाया जायेगा.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि सभी स्कूली बच्चों को बिहार संग्रहालय दिखाया जायेग, ताकि उन्हें बिहार के इतिहास की जानकारी मिल सके. इसकी योजना बनायी गयी है. पटना संग्रहालय को भी विकसित किया जायेगा. सोमवार की शाम बिहार दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने बिहार म्यूजियम बिनाले-2021 का उद्घाटन रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट का अनावरण कर किया.
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बिहार, इंडिया एंड द वर्ल्ड : सेलिब्रेटिंग म्यूजियम कलेक्शन तथा बिहार म्यूजियम गाइड पुस्तक का विमोचन किया. इसके पश्चात् सीएसएमवीएस इंस्टीट्यूट मुंबई के डीजी सव्यसाची मुखर्जी एवं भारत में फ्रांस के राजदूत एइ इमैनुएल लिनैन का शुभकामना संदेश प्रसारित किया गया.
समारोह में शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी, कला संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री आलोक रंजन एवं मुख्यमंत्री के परामर्शी अंजनी कुमार सिंह ने भी संबोधित किया. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार दिवस के अवसर पर बिहार म्यूजियम विनाले-2021 की शुरुआत की गयी है.
यह कार्यक्रम पिछले वर्ष ही होने वाला था, लेकिन वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के कारण इसे स्थगित करना पड़ा. उन्होंने कहा कि इस विनाले के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय वर्चुअल कांफ्रेंस में 20 संग्रहालयों की प्रस्तुति होगी और मास्टर क्लासेस होंगे. उन्होंने कहा कि पटना म्यूजियम सिर्फ विहार ही नहीं, पूरे देश की धरोहर है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रख्यात मनीषी पंडित राहुल सांकृत्दायन द्वारा तिब्बत से लागी गयी पांडुलिपियों को पटना संग्रहालय में ही रखने का निर्णय लिया गया है. उसका हिंदी, अंग्रेजी सहित विभिन्न भाषाओं में तिब्बत से जुड़े लोगों से अनुवाद करवाने के निर्देश दिये, ताकि नयी पीढ़ी के लोगों को तिब्बत के बारे में अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त हो सके.
पटना संग्रहालय में नेचुरल हिस्ट्री गैलरी भी होगी, जहां दो करोड़ वर्ष पुरानी चीड़ प्रजाति के वृक्ष के जीवाश्म भी संरक्षित होंगे. इसके अलावा पटना संग्रहालय में भारत के प्रथम राष्ट्रपति डा राजेंद्र प्रसाद के नाम पर डा राजेंद्र प्रसाद दीर्घा, पंडित राहुल सांकृत्यायन गैलरी, आर्ट गैलरी, पेंटिंग गैलरी, भगवान बुद्ध अस्थि कलश दीर्घा प्रमुख हैं.
पटना म्यूजियम जाने वाले लोग बिहार म्यूजियम भी जा सकें, इसके लेकर काम किया जायेगा. उन्होंने कहा कि पटना और बिहार संग्रहालय को अंडरग्राउंड जोड़ने की हमारी ख्वाहिश है.
सीएम ने कहा कि बिहार संग्रहालय के अंतरराष्ट्रीय मानकों एवं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ओरिएंटेशन दीर्घा, इतिहास दुर्गा, कंटेम्पररी आर्ट गैलरी, बिहारी रीजनल आर्ट गैलरी, चिल्डेस गैलरी आदि का निर्माण कराया गया है. ओरिएंटेशन गैलरी गौरवशाली अतीत को प्रदर्शित करता है, जबकि इतिहास दीर्घा प्रागैतिहासिक काल से लेकर 1764 तक के कालखंड को प्रदर्शित करता है.
Posted by Ashish Jha
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