शेखपुरा. जिला मुख्यालय स्थित श्यामा सरोवर में लोगों के निशुल्क प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है. पूर्व में नगर परिषद द्वारा संचालित पार्क के संचालन की जिम्मेदारी वन विभाग को देने के बाद लोगों को इससे और बेहतर सुविधा प्राप्त करने की आस जगी थी. लेकिन मंगलवार पहली अप्रैल से पार्क में सवेरे मॉर्निंग वाक करने वाले लोगों को भी शुल्क अदा कर ही अंदर जाना होगा. सरकार के इस निर्णय का सवेरे मॉर्निंग वाक करने वाले लोगों ने कड़ा विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की है. प्रत्येक दिन की भांति सुबह सवेरे जब मॉर्निंग वॉक करने वाले श्यामा सरोवर पहुंचे तो उन्हें बिना शुल्क के अंदर जाने से रोक दिया गया. पहले तो लोगों ने इसे पहली अप्रैल का अप्रैल फूल माना. लेकिन बाद में जब वन विभाग के पदाधिकारी प्रशांत कुमार ने सरकार के आदेशों को पढ़कर लोगों को सुनाया तब लोग सकते में आ गये. इस संबंध में वन विभाग के प्रशांत कुमार ने बताया कि मंगलवार से पार्क के अंदर प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यस्क को 20 रुपये और बच्चों को 10 रुपये का भुगतान करना होगा. हालांकि, उन्होंने पार्क में प्रवेश के लिए मासिक 200 रुपये की राशि और तीन महीने के 500, छह महीने के 900 रुपये और पूरे एक साल के 1200 रुपये की राशि निर्धारित होने की जानकारी भी लोगों को दी. मॉर्निंग वॉक के लिए पहुंचे बड़ी संख्या में लोगों ने इस आदेश पर एकत्रित होकर विरोध जताया. लोगों ने जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार को कम से कम मॉर्निंग वॉक के समय सवेरे नौ बजे तक पार्क के अंदर प्रवेश को निशुल्क रखने की सलाह दी है. मॉर्निंग वॉक करने वाले लोगों ने बताया कि सड़क पर मॉर्निंग वॉक से लोगों के जान जाने का खतरा है. क्या कहते हैं शहर के लोग श्यामा सरोवर पार्क में मॉर्निंग वॉक के नाम पर इंट्री शुल्क वसूलने का सरकारी फरमान बेहद ही निराशाजनक है. इस फरमान से बड़ी संख्या में लोग प्रभावित होंगे और उन्हें मॉर्निंग वॉक से वंचित होना पड़ेगा. सोनू साव, गिरिहिंडा, शेखपुरा स्वास्थ्य लाभ के लिए पिछले कई वर्षों से श्यामा सरोवर पार्क में मॉर्निंग वॉक के लिए प्रतिदिन पहुंच रहा था, परंतु वन विभाग द्वारा भारी भरकम शुल्क वसूलने का फरमान से अब पार्क आना छोड़ना पड़ेगा. मॉर्निंग वॉक के लिए शहर में कोई दूसरा बेहतर स्थान नहीं है. राजेश कुमार, चांदसी गली, शेखपुरा श्यामा सरोवर पार्क में मॉर्निंग वाक पर भी शुल्क लगाने का सरकारी आदेश बेहद ही गैर जिम्मेदाराना है. मॉर्निंग वाक के नाम पर शुल्क लगाने का फरमान बदलना होगा अन्यथा बड़ी संख्या में लोग धरना प्रदर्शन का सहारा लेंगे. जनहित के इस मुद्दे को लेकर जिले के आला अधिकारी को भी पहल दिखानी चाहिए . विनय यादव, मेंहुस मोड, शेखपुरा अक्सर बीमारी से ग्रसित रहने के कारण चिकित्सक ने मॉर्निंग वाक का सुझाव दिया था, जिसके बाद करीब 10 वर्षों से प्रतिदिन रोजाना पार्क में मॉर्निंग वाक के लिए आती हूं. परंतु अब शुल्क निर्धारण के कारण राशि देने में असक्षम हूं. इस आदेश को बदलने की दिशा में कार्रवाई होनी चाहिए रसूलन खातून, सकुनत, शेखपुरा मॉर्निंग वाक के नाम पर राशि वसूलने के फरमान ने जनता पर लोड और बढ़ा दिया है. मॉर्निंग वाक के लिए पहुंचने वाले वाले अधिकांश लोग वृद्ध एवं महिलाएं हैं. टहलने के एवज में अगर टैक्स लगाना ही था तो यह किसी ठेकेदार के हवाले कर दिया जाता तो कम से कम कुछ लोगों को रोजगार जरूर मिल जाता. वन विभाग का यह रवैया बेहद ही गैर जिम्मेदाराना और दुर्भाग्यपूर्ण है . श्याम किशोर प्रसाद, सेवानिवृत शिक्षक, शेखपुरा बड़े-बड़े शहरों में भी स्थित पार्क में सुबह-सुबह टहलने के नाम पर कोई राशि नहीं ली जाती परंतु शेखपुरा जैसे शहर में पार्क में मॉर्निंग वॉक के नाम पर भी राशि वसूलने का फरमान निराशाजनक है. उषा देवी, बंगाली पर, शेखपुरा
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