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फर्जीवाड़ा पर जमानत लेने की कोशिश में आरोपित धराया

Updated at : 30 May 2025 10:22 PM (IST)
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फर्जीवाड़ा पर जमानत लेने की कोशिश में आरोपित धराया

बिहारशरीफ व्यवहार न्यायालय ने मारपीट एवं उत्पाद अधिनियम के एक मामले में आरोपी द्वारा फर्जी स्कूल प्रमाण पत्र के आधार पर स्वयं को किशोर (जुवेनाइल) सिद्ध कर जमानत प्राप्त करने के प्रयास को गंभीरता से लेते हुए उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया.

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बिहारशरीफ. बिहारशरीफ व्यवहार न्यायालय ने मारपीट एवं उत्पाद अधिनियम के एक मामले में आरोपी द्वारा फर्जी स्कूल प्रमाण पत्र के आधार पर स्वयं को किशोर (जुवेनाइल) सिद्ध कर जमानत प्राप्त करने के प्रयास को गंभीरता से लेते हुए उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया. घटना बिहार थाना क्षेत्र के मुरौरा हवेली गांव की है, जहाँ होली पर्व के दौरान मारपीट हुई थी़ इस संबंध में गांव की निवासी अमोला देवी द्वारा दिनांक 15 मार्च 2025 को बिहार थाना में कांड संख्या 169/25 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, जिसमें कुल 29 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया. प्रकरण की सुनवाई बिहारशरीफ व्यवहार न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम सह विशेष न्यायाधीश, उत्पाद, श्री संजय सिंह की अदालत में चल रही थी. नामजद अभियुक्तों में मुरौरा हवेली निवासी विनय पासवान का पुत्र जितु कुमार भी शामिल है. जितु कुमार ने न्यायालय से राहत पाने के उद्देश्य से उत्क्रमित मध्य विद्यालय, मुरौरा हवेली का एक विद्यालय परित्याग प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया और दिनांक 6 मई 2025 को स्वयं को किशोर बताते हुए जमानत याचिका दाखिल की. पिछली सुनवाई में न्यायालय ने प्रस्तुत प्रमाण पत्र की सत्यता जांचने हेतु विद्यालय के प्रधानाध्यापक को छात्र रजिस्टर सहित सभी संबंधित दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने का आदेश दिया था. विशेष लोक अभियोजक रमाशंकर प्रसाद ने बताया कि जब आज पुनः सुनवाई शुरू हुई, तो जितु के अधिवक्ता ने जमानत याचिका वापस लेने की मांग की. इसी बीच विद्यालय के एक शिक्षक नामांकन पंजी एवं अन्य दस्तावेजों के साथ न्यायालय में उपस्थित हुए. जांच में यह प्रमाणित हुआ कि जितु कुमार का विद्यालय में कभी नामांकन ही नहीं हुआ था और प्रस्तुत किया गया प्रमाण पत्र पूरी तरह फर्जी था. न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्क्षण कार्रवाई करते हुए जितु कुमार को न्यायिक हिरासत में लेने का आदेश दिया. इसके पश्चात पुलिस द्वारा आरोपी को हिरासत में ले लिया गया. साथ ही, न्यायाधीश श्री सिंह ने बिहार थाना को निर्देश दिया कि न्यायालय को धोखे में रखकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमानत प्राप्त करने की कोशिश करने वाले जितु कुमार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाए़ न्यायालय के आदेश के अनुपालन में जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम के उपस्थापक (पेशकार) रामाश्रय प्रसाद द्वारा बिहार थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है़

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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