नालंदा में ग्रामीण कार्य विभाग का फैसला, 24 जुलाई तक करें आवेदन, आपात योजनाओं के लिए बनेगा पैनल

Author Kanchan kumar|Edited by Sakshi Kumari
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सड़क की सांकेतिक तस्वीर

सड़क की सांकेतिक तस्वीर

Nalanda Rural Works Department : नालंदा ग्रामीण कार्य विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सेवा प्रदाताओं और आपूर्तिकर्ताओं के पैनल के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक संवेदक 24 जुलाई तक कोटेशन जमा कर सकते हैं।

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Nalanda Rural Works Department : बिहारशरीफ स्थित ग्रामीण कार्य विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सेवा प्रदाताओं और आपूर्तिकर्ताओं के पैनल (एम्पैनलमेंट) के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इच्छुक संवेदक 24 जुलाई तक कोटेशन जमा कर सकते हैं. इसका उद्देश्य अत्यावश्यक और आकस्मिक विकास कार्यों को बिना विलंब पूरा करना है.

24 जुलाई तक जमा होंगे कोटेशन

ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अंचल, नालंदा की ओर से सेवा प्रदाताओं और आपूर्तिकर्ताओं के पैनल गठन के लिए पुनः कोटेशन आमंत्रित किए गए हैं. विभाग के अनुसार कोटेशन जमा करने की अंतिम तिथि 24 जुलाई 2026 को अपराह्न 3 बजे निर्धारित की गई है, जबकि उसी दिन अपराह्न 3:30 बजे कोटेशन खोले जाएंगे.

इन कार्यालयों में जमा कर सकते हैं आवेदन

इच्छुक संवेदक अपने आवेदन अधीक्षण अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अंचल, नालंदा के कार्यालय के अलावा बिहारशरीफ, राजगीर, हिलसा और एकंगरसराय स्थित कार्य प्रमंडल कार्यालयों में भी जमा कर सकते हैं. विभाग ने निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करने की अपील की है.

पैनल में शामिल होने के लिए ये शर्तें जरूरी

पैनल में शामिल होने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग में निबंधन, जीएसटी पंजीकरण तथा पिछले पांच वर्षों में विभाग के अंतर्गत पथ निर्माण कार्यों में कम से कम 10 करोड़ रुपये के टर्नओवर या कार्य अनुभव का प्रमाण देना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर और निर्धारित प्रारूप में शपथ पत्र भी जमा करना होगा. शपथ पत्र में यह घोषित करना होगा कि संबंधित एजेंसी किसी भी राज्य सरकार, केंद्र सरकार या सार्वजनिक उपक्रम द्वारा ब्लैकलिस्ट या डिबार नहीं की गई है.

आपातकालीन विकास कार्यों को मिलेगी गति

ग्रामीण कार्य विभाग का मानना है कि पहले से योग्य एजेंसियों का पैनल तैयार होने से सड़क निर्माण और अन्य अत्यावश्यक विकास योजनाओं का निष्पादन समयबद्ध तरीके से किया जा सकेगा. इससे आपातकालीन परिस्थितियों में सामग्री और सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होगी तथा विकास कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होगी.

पारदर्शी प्रक्रिया के तहत होगा चयन

विभाग ने स्पष्ट किया है कि सेवा प्रदाताओं के चयन की पूरी प्रक्रिया विभागीय मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप होगी. सभी संवेदकों को निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन करना होगा तथा गलत जानकारी देने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

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