नालंदा में 8.01 लाख मकानों का सर्वे पूरा, 38.38 लाख आबादी का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार

Published by : Vivek Singh Updated At : 24 May 2026 10:52 AM

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सांकेतिक तस्वीर

Nalanda News : नालंदा जिले में भारत की जनगणना 2027 के दूसरे चरण का कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है. भारत सरकार के अधीन ऑफिस ऑफ रजिस्ट्रार जनरल एंड सेंसस कमिश्नर, इंडिया के दिशा-निर्देश के अनुसार जिले में मकानों की सूचीबद्धता (हाउस लिस्टिंग) और डिजिटल डाटा संकलन का काम तेजी से चल रहा है.

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Nalanda News : नालंदा जिले में भारत की जनगणना 2027 के दूसरे चरण का कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है. भारत सरकार के अधीन ऑफिस ऑफ रजिस्ट्रार जनरल एंड सेंसस कमिश्नर, इंडिया के दिशा-निर्देश के अनुसार जिले में मकानों की सूचीबद्धता (हाउस लिस्टिंग) और डिजिटल डाटा संकलन का काम तेजी से चल रहा है. जिला प्रशासन ने 31 मई तक इस कार्य को शत-प्रतिशत पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है.

जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में औसतन 600 से 700 परिवारों पर एक प्रगणक की तैनाती की गई है, ताकि डाटा संग्रहण में पारदर्शिता और सटीकता बनी रहे. जिले में कुल 5,493 प्रगणक कार्यरत हैं. इनमें से 5,287 प्रगणकों ने अपना काम पूरा कर लिया है. जबकि 206 प्रगणकों का कार्य अभी जारी है. इस प्रकार लगभग 96.25 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है.

37 जनगणना कार्यालय कर रहे निगरानी

जनगणना कार्य की निगरानी, ऑन-स्पॉट सत्यापन और तकनीकी सहायता के लिए जिलेभर में 37 जनगणना कार्यालय सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं. अधिकारियों के अनुसार डाटा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सुपरवाइजर स्तर पर लगातार क्रॉस वेरिफिकेशन भी कराया जा रहा है.

जिला स्तरीय समेकित रिपोर्ट के मुताबिक नालंदा जिले में कुल 8,08,100 मकानों की गणना अपेक्षित है. इनमें से अब तक 8,01,952 मकानों का सर्वे और डिजिटल एंट्री पूरी की जा चुकी है.

6.05 लाख आवासीय मकानों की पहचान

ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक 6,05,504 पूर्णतः आवासीय मकानों की पहचान की गई है. वहीं 11,765 मकान ऐसे मिले हैं जिनका उपयोग आवासीय और व्यावसायिक दोनों रूपों में हो रहा है. आबाद आवासीय मकानों की कुल संख्या 6,17,269 दर्ज की गई है.

इसके अलावा 5,995 मकान खाली पाए गए हैं, जबकि 11,517 मकानों को ताला बंद श्रेणी में रखा गया है। शुक्रवार तक की रिपोर्ट के अनुसार आवासीय और खाली मकानों की कुल संख्या 6,43,264 तक पहुंच गई है। वहीं 1,58,688 मकानों का उपयोग गैर-आवासीय या अन्य कार्यों में किया जा रहा है।

परिवारों का डाटा तैयार

जनगणना पोर्टल पर अपलोड आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक 6,58,874 परिवारों का विवरण संकलित किया गया है. इनमें से 5,70,562 परिवारों का सत्यापन पर्यवेक्षकों द्वारा किया जा चुका है. इसी आधार पर जिले की कुल 38,38,755 आबादी का डिजिटल डाटाबेस तैयार किया गया है.

कई प्रखंडों में 100 प्रतिशत कार्य पूरा

करायपरसुराय, नगरनौसा, बिंद, सरमेरा, नूरसराय, परवलपुर, बेन और कतरीसराय प्रखंडों में जनगणना कार्य पूरी तरह पूरा हो चुका है.

  • करायपरसुराय में 19,446 मकानों और 96,184 आबादी का रिकॉर्ड तैयार किया गया.
  • नगरनौसा में 27,022 मकानों और 1,18,522 आबादी का डाटा संकलित हुआ.
  • बिंद में 20,027 मकानों और 98,879 आबादी का रिकॉर्ड तैयार हुआ.
  • सरमेरा में 27,467 मकानों और 1,36,280 आबादी का डाटा अपलोड किया गया.
  • नूरसराय में 48,839 मकानों और 2,36,415 आबादी का रिकॉर्ड पोर्टल पर उपलब्ध है.
  • परवलपुर में 17,901 मकानों और 93,482 आबादी का डाटा संकलित किया गया.
  • बेन में 22,174 मकानों और 1,09,868 आबादी का रिकॉर्ड दर्ज किया गया.
  • कतरीसराय में 10,421 मकानों और 63,237 आबादी का डाटा पोर्टल पर अपलोड किया गया.

अंतिम चरण में चल रहा कई प्रखंडों का काम

हरनौत, चंडी, रहुई, अस्थावां, बिहारशरीफ, थरथरी, हिलसा, एकंगरसराय, इस्लामपुर, राजगीर, सिलाव और गिरियक प्रखंडों में काम अंतिम चरण में है.

  • बिहारशरीफ प्रखंड में सबसे अधिक 1,35,639 मकानों और 6,18,287 आबादी का रिकॉर्ड तैयार हुआ है.
  • इस्लामपुर में 62,799 मकानों और 3,10,052 आबादी का डाटा अपलोड किया गया.
  • हिलसा में 53,183 मकानों और 2,61,749 आबादी का रिकॉर्ड तैयार है.
  • हरनौत में 53,426 मकानों और 2,52,531 आबादी का रिकॉर्ड दर्ज हुआ.
  • अस्थावां में 48,922 मकानों और 2,44,597 आबादी का डाटा अपलोड हुआ.
  • एकंगरसराय में 46,320 मकानों और 2,22,605 आबादी का रिकॉर्ड तैयार किया गया.
  • रहुई में 43,221 मकानों और 2,15,014 आबादी की गणना हुई.
  • सिलाव में 41,021 मकानों और 1,95,523 आबादी का रिकॉर्ड दर्ज है.
  • राजगीर में 31,965 मकानों और 1,56,122 आबादी का डाटा पोर्टल पर अपलोड किया गया है.
  • गिरियक में 27,653 मकानों और 1,26,750 आबादी का रिकॉर्ड तैयार किया गया.
  • चंडी में लगभग 1.93 लाख आबादी और 42,045 मकानों का डाटा संकलित हुआ.
  • थरथरी में 19,823 मकानों और 89,746 आबादी का रिकॉर्ड दर्ज हुआ.

31 मई के बाद फ्रीज होगा पूरा डाटा

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार जिन 206 प्रगणकों का काम अभी शेष है. उन्हें अगले तीन से चार दिनों के भीतर डाटा अपलोड और सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है. 31 मई के बाद जिले का पूरा डाटा फ्रीज कर दिया जाएगा.

अधिकारियों ने बताया कि खाली, बंद और आंशिक आवासीय मकानों के वर्गीकरण को लेकर सुपरवाइजर स्तर पर दोबारा क्रॉस-चेक कराया जा रहा है. ताकि राष्ट्रीय जनगणना डाटाबेस में नालंदा जिले का अंतिम रिकॉर्ड पूरी तरह त्रुटिरहित और प्रमाणिक रहे.

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लेखक के बारे में

By Vivek Singh

विवेक सिंह माता सीता की धरती और मिथिला का द्वार कहे जाने वाले समस्तीपुर जिले से आते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. इससे पहले #The_Newsdharma के साथ डिजिटल मीडिया, ग्राउंड रिपोर्टिंग , और न्यूज़ लेखन के क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव रहा है. सामाजिक, राजनीतिक, शिक्षा, युवा, महिला सुरक्षा और जनता से जुड़े मुद्दों पर विशेष रुचि रखते हैं. सरल, तथ्यात्मक और प्रभावी लेखन शैली के माध्यम से पाठकों तक महत्वपूर्ण खबरें और मुद्दे पहुंचाने का निरंतर प्रयास करते हैं. NGO अमर शहीद बिपिन सिंह फाउंडेशन के साथ जुड़कर सामाजिक, स्वास्थ्य, पर्यावरण ,रोजगार और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर भी कार्य करने का अनुभव हैं.

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