अफ्रीकी देशों से नालंदा लौटने वालों की होगी मॉनिटरिंग, इबोला से निपटने के लिए अस्पतालों में बेड रिजर्व

Published by : Aditya Kumar Ravi Updated At : 30 May 2026 7:00 AM

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बिहारशरीफ सदर अस्पताल की तस्वीर

Nalanda News: इबोला वायरस के संभावित खतरे से निपटने के लिए जिला स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है. विम्स पावापुरी से लेकर सदर अस्पताल तक वेंटिलेटरयुक्त बेड और आइसोलेशन वार्ड तैयार कर लिए गए हैं, साथ ही अफ्रीकी व पड़ोसी देशों से लौटने वाले लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है.

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Nalanda News (रणजीत सिंह): इबोला वायरस के संभावित खतरे से निपटने के लिए जिला स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह से तैयार हो गया है. इस वायरस से उत्पन्न स्थिति से निपटने एवं इससे ग्रसित मरीजों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए विम्स मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल (पावापुरी) से लेकर जिलास्तर पर मॉडल सदर अस्पताल में वेंटिलेटरयुक्त बेडों को तैयार कर लिया गया है. इलाज के लिए ऑक्सीजन कंसट्रेटर मशीन से लेकर आइसोलेशन वार्ड को दुरुस्त कर दिया गया है. सभी प्रकार की जीवन रक्षक दवाओं के साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों के लिए पीपीई किट, एन-95 मास्क एवं ग्लव्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं. सिविल सर्जन डॉ. जय प्रकाश सिंह ने बताया कि विशेष इलाज के लिए जिले के बड़े अस्पतालों में ट्रेंड डॉक्टरों एवं पारा मेडिकल स्टाफ की टीम कार्य करेंगी.

ओपीडी में आने वाले संदिग्ध मरीजों पर विशेष नजर

सिविल सर्जन डॉ. जय प्रकाश सिंह ने बताया कि हालांकि जिले में इबोला वायरस के अब तक कोई संदिग्ध मरीज नहीं मिले हैं, लेकिन बिहार सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी के आलोक में सभी छोटे-बड़े अस्पतालों के प्रभारियों, उपाधीक्षकों एवं अधीक्षकों को अलर्ट कर दिया गया है. विशेषकर ओपीडी में इलाज के लिए प्रतिदिन पहुंच रहे संदिग्ध मरीजों पर विशेष नजर रखी जा रही है. आमजनों को विभिन्न माध्यमों से इस वायरस के प्रारंभिक लक्षणों और बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है. विम्स में 30, राजगीर अनुमंडल एवं कल्याण बिगहा अस्पताल में 1-1 एवं सदर अस्पताल में 2 वेंटिलेटरयुक्त बेड लगाए गए हैं.

अफ्रीकी देशों से लौटने वालों की होगी मॉनिटरिंग

अफ्रीकी एवं इसके पड़ोसी देशों से जिले में आने वाले लोगों पर विशेष नजर रखी जाएगी. राज्य स्वास्थ्य समिति से मिले दिशा-निर्देश के अनुसार इन देशों से लौटने वाले लोगों के लक्षणों एवं उनके स्वास्थ्य की स्थिति की मॉनिटरिंग की जा रही है. इबोला वायरस से उत्पन्न खतरों पर पूर्ण नियंत्रण के लिए डॉक्टरों से लेकर पारा मेडिकल कर्मियों को इस वायरस के प्रारंभिक व गंभीर लक्षण, बचाव एवं मरीजों को जागरूक करने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा.

पहचानें इबोला वायरस के लक्षण व बरतें सावधानी

मॉडल सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि अचानक तेज बुखार-ठंड लगना, कमजोरी, मांसपेशियों-जोड़ों में तेज दर्द, सिरदर्द और गले में खराश इसके प्रारंभिक लक्षण हैं. इसके बाद पेट दर्द, उल्टी, दस्त, आंतरिक व बाहरी ब्लीडिंग होना और लिवर-किडनी का काम बंद करना इसके गंभीर लक्षण हैं. इससे बचाव के लिए प्रभावित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से बचें, देखभाल के समय दस्ताने-मास्क पहनें और साबुन-पानी या सैनिटाइज़र से नियमित हाथ धोते रहें. इबोला से मृत व्यक्ति के शव को छूने या अंतिम संस्कार की पारंपरिक रीतियों के दौरान सीधे संपर्क से पूरी तरह परहेज करें.

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