पीएमएफएमइ योजना में 345 में 253 लाभुकों को मिली लोन की स्वीकृति

Updated:
विज्ञापन
पीएमएफएमइ योजना में 345 में 253 लाभुकों को मिली लोन की स्वीकृति

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पीएमएफएमइ जिले के बेरोगजारों एवं कृषकों को खाद्य प्रस्संकरण पर आधारित विभिन्न प्रकार के उद्योग स्थापित कर स्वरोजगार करने का सुलभ साधन साबित हो रहा है.

विज्ञापन

बिहारशरीफ. केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पीएमएफएमइ जिले के बेरोगजारों एवं कृषकों को खाद्य प्रस्संकरण पर आधारित विभिन्न प्रकार के उद्योग स्थापित कर स्वरोजगार करने का सुलभ साधन साबित हो रहा है. कृषि प्रधान जिला होने के कारण कृषि उत्पादित सामग्रियों पर आधारित उद्योग लगाने की यहां असीम संभावनाएं हैं. योजना के तहत विभाग द्वारा जिले के निर्धारित लक्ष्य 345 लाभुकों को इस योजना से लाभ दिलाने का है. इसमें से चयनित 253 लाभुकों को विभिन्न बैंकों से लोन की स्वीकृति प्रदान की गयी है. इसके तहत अधिकतम परियोजना राशि पर 10 लाख से 35 लाख तक रूपये का लोन दिया जाता है. बैंक लोन की राशि सामान्य वर्ग के लाभार्थी के लिए 90 प्रतिशत एवं महिला सहित आरक्षित वर्गों के लिए 95 प्रतिशत देने का प्रावधान है. योजना पर सरकार द्वारा उद्मियों को सब्सिडी भी दिया जाता है. अनुदानित राशि सामान्य वर्ग के उद्यमियों को 15 से 25 प्रतिशत एवं अनुसूचित जाति व जनजाति के उद्यमियों को 25 से 35 प्रतिशत परियोजना लागत पर दिया जाता है. परियोजना के तहत ब्रेड, आचार, सत्तू, पनीर, बेसन निर्माण, आलू चिप्स, दाल मिल, तेल मेल के अतिरिक्त अन्य खाद्य पदार्थों पर आधारित उद्योग को लगाया जा सकता है.

क्या कहते हैं अधिकारी

पीएमएफएमइ योजना जिले के बेरोजगारों को स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बनने का सुनहरा अवसर प्रदान कर रहा है. योजना का लाभ दिलाने के लिए विभाग सतत प्रयत्नशील है.

सचिन कुमार, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, नालंदा

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Amlesh Prasad

लेखक के बारे में

By Amlesh Prasad

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन