व्यवहार न्यायालय में न्यायिक पदाधिकारी व अधिवक्ताओं ने ली संविधान की शपथ
Updated at : 26 Nov 2024 10:32 PM (IST)
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इस दौरान न्यायाधीश अजीत कुमार सिंह ने कहा कि मूल कर्तव्यों का पालन करना सबकी जिम्मेदारी है.
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हिलसा.
मंगलवार को हिलसा व्यवहार न्यायालय परिसर में संविधान दिवस के मौके पर सभी न्यायिक पदाधिकारियों एवं अधिवक्ता संघ हिलसा के अधिवक्ताओं ने संविधान दिवस मनाते हुए भारत का संविधान के प्रस्तावना को पढ़ा और संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और कर्तव्यों की शपथ ली. जिसकी अध्यक्षता प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अनुमंडलीय विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष अजीत कुमार सिंह ने की. इस दौरान न्यायाधीश अजीत कुमार सिंह ने कहा कि मूल कर्तव्यों का पालन करना सबकी जिम्मेदारी है. संविधान का पालन करें व आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्र ध्वज तथा राष्ट्रगान का आदर करें. देश की प्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करना सबकी बराबर की जिम्मेदारी है. महिलाओं को सम्मान देने,हिसा से दूर रहते हुए बंधुता को बढ़ावा देने व सामाजिक संस्कृति का संवर्धन व पर्यावरण का संरक्षण करना जरूरी है. वहीं अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सतीश कुमार सिन्हा ने कहा कि भारतीय संविधान की शक्ति उसके उद्देश्य उसमे वर्णित सामाजिक आर्थिक न्याय की परिकल्पना समझने का इससे अच्छा अवसर नहीं हो सकता ऐसे तो हम रोज संविधान के प्रावधानों के तहत ही काम करते हैं. यही एक मौका होता है कि हम अपने संविधान के प्रति निष्ठा प्रकट करने के लिए एक जगह एकत्रित हुए हैं और हम लोगों ने संविधान की शपथ ली है. और उसके प्रस्तावना को पढ़ा है. इस मौके पर न्यायाधीश दीपक कुमार यादव, अमित कुमार पाण्डेय, देव प्रिय कुमार, अरविंद कुमार, बंदना मधुकर, कुमार अभिजीत राय, आशीष नारायण, अधिवक्ता संघ के सचिव युगल किशोर प्रसाद, अधिवक्ता मनोरंजन, आशीष कुमार, बालमुकुंद प्रसाद सहित अन्य न्यायालय के कर्मी मौजूद थे.बिहारशरीफ.
बिहारशरीफ जिला न्यायालय परिसर स्थित विधिक सेवा सदन में 75वें संविधान दिवस के अवसर पर जिला जज हसमुद्दीन अंसारी ने न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं और अन्य उपस्थित लोगों को संविधान के निर्देशों के पालन की शपथ दिलायी. इस अवसर पर जिला जज ने कहा कि संविधान का पालन, जागरूकता और दूसरों को प्रेरित करना जरूरी है. इससे बंधुत्व, एकता और नागरिकों की सुरक्षा बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि संविधान के प्रस्तावना में ही इसकी महत्ता छुपी हुई है. न्यायिक व्यवस्था लोगों को बराबरी के दर्जा के साथ मौलिक अधिकार प्रदान करती है और दबे कुचले लोगों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए आरक्षण जैसी व्यवस्था दी है. कार्यक्रम का निर्देशन प्राधिकार सचिव सह सब जज अमित गौरव ने किया और कहा कि नियमित और अनुशासित रहकर समाज में सभी वर्गों के उन्नति के लिए संविधान का पालन अवश्य करना चाहिए. उन्होंने कहा कि हम पहले देश के नागरिक हैं और हमें समता, शांति और समृद्धि के लिए कानूनों की जननी संविधान के निर्देशों का पालन करना है. शपथ कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश रविन्द्र सिंह, एडीजे धीरज कुमार भाष्कर, धीरेन्द्र कुमार, संजीव कुमार सिंह, संजय सिंह, कन्हैश लाल यादव, महावीर प्रसाद सहित एसीजेएम योगेन्द्र शुक्ला, मुंसफ विकास कुमार, जेएम अभय सिंह, अनुराग गौरव, करिश्मा कुमारी, सुलोचना, राजा सिंह, संघ अध्यक्ष व सचिव विरेन्द्र सिंह, दिनेश कुमार आदि ने भाग लिया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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By Prabhat Khabar News Desk
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