नालंदा में CMR आपूर्ति की धीमी रफ्तार पर DM ने जताई नाराजगी, एक सप्ताह में 100% लक्ष्य पूरा करने का निर्देश

सीएमआर आपूर्ति की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश देतीं डीएम उदिता सिंह| Prabhat Khabar Network
Nalanda News : नालंदा डीएम उदिता सिंह ने धान अधिप्राप्ति के विरुद्ध कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) की आपूर्ति में धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जताई है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर 100 प्रतिशत सीएमआर आपूर्ति सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया है.
Nalanda News : नालंदा डीएम उदिता सिंह ने धान अधिप्राप्ति के विरुद्ध कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) की आपूर्ति में धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जताई है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर 100 प्रतिशत सीएमआर आपूर्ति सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया है. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि निर्धारित लक्ष्य प्राप्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में धान अधिप्राप्ति टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी प्रखंडों में धान अधिप्राप्ति के विरुद्ध सीएमआर आपूर्ति की प्रखंडवार समीक्षा की गई. अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब तक औसतन 90.40 प्रतिशत सीएमआर की आपूर्ति हो चुकी है, जबकि शेष आपूर्ति को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाना है.
कई प्रखंडों की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई प्रखंडों में सीएमआर आपूर्ति जिले के औसत से काफी कम है. इनमें करायपरशुराय (70.66 प्रतिशत), रहुई (75.76 प्रतिशत), गिरियक (80.19 प्रतिशत), बेन (81.26 प्रतिशत), कतरीसराय (81.67 प्रतिशत), परवलपुर (82.70 प्रतिशत), इस्लामपुर (84.07 प्रतिशत), एकंगरसराय (85.04 प्रतिशत), नूरसराय (89.40 प्रतिशत) तथा अस्थावां (90.07 प्रतिशत) शामिल हैं. डीएम ने इन सभी प्रखंडों की धीमी प्रगति पर गहरी अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर लंबित आपूर्ति पूरी करने का निर्देश दिया.
करायपरशुराय व रहुई के अधिकारियों से स्पष्टीकरण
बैठक में विशेष रूप से करायपरशुराय और रहुई प्रखंडों में सबसे कम सीएमआर आपूर्ति होने पर जिला पदाधिकारी ने गंभीर चिंता व्यक्त की. उन्होंने जिला सहकारिता पदाधिकारी को निर्देश दिया कि संबंधित सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों से इस लापरवाही को लेकर स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाए.
उन्होंने कहा कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी. डीएम ने सभी सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रखंड के लिए प्रतिदिन का सीएमआर आपूर्ति लक्ष्य निर्धारित किया जाए और अभियान मोड में कार्य कर एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए.
पैक्स और राइस मिलरों से समन्वय का निर्देश
उन्होंने कहा कि पैक्स, व्यापार मंडलों और राइस मिलरों के साथ लगातार समन्वय बनाकर लंबित सीएमआर की आपूर्ति जल्द पूरी कराई जाए. जिला पदाधिकारी ने जिला सहकारिता पदाधिकारी तथा राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक को प्रतिदिन सीएमआर आपूर्ति की समीक्षा करने का निर्देश दिया.
उन्होंने कहा कि प्रखंडवार प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जाए और जहां किसी प्रकार की समस्या या बाधा हो, उसका तत्काल समाधान किया जाए ताकि आपूर्ति कार्य प्रभावित न हो. बैठक में सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र की पैक्स, व्यापार मंडल समितियों और राइस मिलरों के साथ नियमित समीक्षा बैठक करें.
अनुमंडल पदाधिकारियों को भी सौंपी गई जिम्मेदारी
साथ ही निर्धारित समय-सीमा से पहले शत-प्रतिशत सीएमआर आपूर्ति सुनिश्चित कराएं. जिला आपूर्ति पदाधिकारी को भी सभी संबंधित विभागों और संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित कर समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया.
बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, बिहारशरीफ के अनुमंडल पदाधिकारी तथा राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक उपस्थित थे. वहीं हिलसा और राजगीर के अनुमंडल पदाधिकारी सहित जिले के सभी सहकारिता प्रसार पदाधिकारी वर्चुअल माध्यम से इस बैठक में शामिल हुए.
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