सरकारी स्कूलों से वापस लिए जाएंगे 19 किलो वाले गैस सिलेंडर, नहीं लौटाने पर 4,000 रुपये जुर्माना

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विद्यालयों को लौटाने होंगे व्यावसायिक गैस सिलेंडर, नहीं लौटाने पर प्रति सिलेंडर 4 हजार रुपये जुर्माना

सांकेतिक तस्वीर

Nalanda News : नालंदा जिले के सरकारी स्कूलों से प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत मिले 19 किलो के गैस सिलेंडर वापस मंगाए जा रहे हैं. अनुपयोगी सिलेंडरों को समय पर न लौटाने पर प्रति सिलेंडर 4,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा.

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Nalanda News : नालंदा जिले के सरकारी विद्यालयों में प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत सरकारी विद्यालयों को उपलब्ध कराए गए 19 किलोग्राम के व्यावसायिक गैस सिलेंडरों को अब संबंधित गैस एजेंसियों को वापस करना होगा. लंबे समय से इन सिलेंडरों का उपयोग नहीं होने और गैस का नियमित उठाव नहीं किए जाने पर गैस कंपनियों ने इन्हें वापस लेने का कड़ा निर्णय लिया है.

विभाग ने भी सभी संबंधित विद्यालयों को सिलेंडर शीघ्र लौटाने का निर्देश जारी कर दिया है. निर्धारित समय में सिलेंडर वापस नहीं करने पर संबंधित प्रधानाध्यापकों से प्रति सिलेंडर चार हजार रुपये तक का भारी जुर्माना वसूला जाएगा.

नालंदा जिले में 600 से अधिक सिलेंडर पड़े हैं अनुपयोगी

जानकारी के अनुसार, नालंदा जिले में 600 से अधिक ऐसे व्यावसायिक गैस सिलेंडर हैं, जिनका लंबे समय से कोई उपयोग नहीं हो रहा है. राज्यभर में कुल 51,526 सुरक्षा-मुक्त 19 किलोग्राम के व्यावसायिक गैस सिलेंडर विद्यालयों को उपलब्ध कराए गए थे.

इनमें से 49,176 सिलेंडरों से लंबे समय से गैस का उठाव नहीं हो रहा है. गैस कंपनियों का साफ कहना है कि इतने बड़े स्तर पर सिलेंडरों के निष्क्रिय पड़े रहने से उनका नियमित संचालन प्रभावित हो रहा है, इसलिए इन्हें तत्काल वापस लेने का निर्णय लिया गया है.

धुआं रहित रसोई विकसित करने का था मुख्य उद्देश्य

सरकार ने प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत विद्यालयों में धुआं रहित रसोई व्यवस्था विकसित करने के मुख्य उद्देश्य से बिना किसी सुरक्षा राशि के 19 किलो के व्यावसायिक गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए थे. नियम के अनुसार, सभी विद्यालयों को प्रत्येक माह कम से कम तीन बार गैस का उठाव करना था, ताकि रसोई का संचालन सुचारू रूप से गैस से हो सके.

लेकिन अधिकांश विद्यालयों में महीनों से एक भी बार गैस नहीं ली जा रही है. इसी कारण गैस कंपनियों ने ऐसे सभी कनेक्शनों को बंद कर सिलेंडर वापस लेने का अंतिम निर्णय लिया है.

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने जारी किया कड़ा पत्र

गैस कंपनियों के विशेष अनुरोध पर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अपर सचिव ने मध्याह्न भोजन निदेशक को इस संबंध में पत्र जारी किया है. इसके बाद जिला स्तर पर मिड डे मील प्रभारी अंशु कुमारी ने सभी सरकारी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिन विद्यालयों में 19 किलो का व्यावसायिक गैस सिलेंडर अनुपयोगी पड़ा है, उसे तत्काल संबंधित गैस एजेंसी को वापस कर दें.

विभाग ने स्पष्ट किया है कि आदेश की अनदेखी करने वाले विद्यालयों की पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रधानाध्यापक की होगी.

सिलेंडर नहीं लौटाने पर प्रति सिलेंडर लगेगा 4 हजार जुर्माना

इंडेन गैस एजेंसी के वितरक सुनील कुमार ने बताया कि विद्यालयों को बिना किसी सुरक्षा राशि के व्यावसायिक गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया गया था. यदि अब संबंधित विद्यालय प्रशासन सिलेंडर वापस नहीं करता है, तो गैस कंपनी की ओर से प्रति सिलेंडर चार हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा.

शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों से इस आदेश का तत्काल अनुपालन करने को कहा है. अधिकारियों का कहना है कि जिन विद्यालयों में वास्तव में गैस की आवश्यकता है, वहां भविष्य में नई व्यवस्था की जा सकती है. फिलहाल अनुपयोगी पड़े सिलेंडरों को वापस कर सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है.

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Kanchan Kumar

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