नालंदा में तेजी से बढ़ रहीं लाइफस्टाइल बीमारियां, युवाओं को 30 की उम्र में ही हो रहा शुगर-बीपी और मोटापा

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Nalanda News: Lifestyle

सांकेतिक तस्वीर

Nalanda News : नालंदा जिले में शुगर, हाई ब्लड प्रेशर और मोटापा तेजी से गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनते जा रहे हैं. सबसे चिंताजनक बात यह है कि अब 30 से 35 वर्ष के युवा भी इन बीमारियों की चपेट में तेजी से आ रहे हैं. जिले में बिहारशरीफ सबसे संवेदनशील क्षेत्र बनकर उभरा है, जहां शुगर के मरीजों की संख्या 10 से 13 प्रतिशत और हाई बीपी के मामलों की दर 18 से 22 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है.

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Nalanda News : (कंचन कुमार) नालंदा जिले में शुगर, हाई ब्लड प्रेशर और मोटापा तेजी से गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनते जा रहे हैं. सबसे चिंताजनक बात यह है कि अब 30 से 35 वर्ष के युवा भी इन बीमारियों की चपेट में तेजी से आ रहे हैं. जिले में बिहारशरीफ सबसे संवेदनशील क्षेत्र बनकर उभरा है, जहां शुगर के मरीजों की संख्या 10 से 13 प्रतिशत और हाई बीपी के मामलों की दर 18 से 22 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है.

कम उम्र में बढ़ रही डायबिटीज और हाई बीपी की समस्या

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार पहले डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां 45 वर्ष की उम्र के बाद देखने को मिलती थीं, लेकिन अब युवाओं में भी तेजी से इसके मामले बढ़ रहे हैं. 35 वर्ष के बाद प्रीडायबिटीज और हाई बीपी की शिकायतें आम होती जा रही हैं. डॉक्टरों का कहना है कि इसका सीधा असर लोगों की कार्यक्षमता, पारिवारिक आय और जीवन गुणवत्ता पर पड़ रहा है.

तला-भुना खाना और मीठी चाय बन रही बीमारी की वजह

डॉक्टरों के मुताबिक सफेद चावल, आलू, तला-भुना नाश्ता, बार-बार मीठी चाय पीना और फास्ट फूड का बढ़ता चलन युवाओं को तेजी से बीमार बना रहा है. चिकित्सक डॉ. अखलेश प्रसाद इसे “मेटाबॉलिक डिजीज ट्रायंगल” बताते हैं. राजगीर में होटल और पर्यटन आधारित लाइफस्टाइल, जबकि हिलसा क्षेत्र में तला-भुना नाश्ता और मीठी चाय का बढ़ता चलन बीमारी बढ़ाने की बड़ी वजह माना जा रहा है.

जिले के 18 प्रतिशत तक लोग ओवरवेट श्रेणी में

सरकारी स्वास्थ्य सर्वे और एनएफएचएस-5 रिपोर्ट के अनुसार नालंदा में मोटापे की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है. जिले के करीब 15 से 18 प्रतिशत वयस्क अब ओवरवेट या ओबीज़ श्रेणी में पहुंच चुके हैं. सिलाव, गिरियक, रहुई और हरनौत जैसे प्रखंड भी अब उभरते हुए हाई रिस्क जोन माने जा रहे हैं.

खानपान और दिनचर्या सुधारने पर विशेषज्ञों का जोर

विशेषज्ञों का मानना है कि इन बीमारियों से बचाव का सबसे बड़ा उपाय महंगा इलाज नहीं, बल्कि संतुलित खानपान और बेहतर जीवनशैली है. नालंदा क्षेत्र के लिए सत्तू, चना, मखाना, दही, सलाद और हरी सब्जियों वाला भोजन सबसे बेहतर माना गया है. डॉक्टरों ने रोज कम से कम 45 मिनट पैदल चलने, मीठी चाय कम करने और तला-भुना भोजन सीमित करने की सलाह दी है.

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विवेक सिंह

लेखक के बारे में

By विवेक सिंह

विवेक सिंह की डिजिटल मीडिया और जनसरोकारों से जुड़े विषयों में विशेष रुचि रही है. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कार्यरत हैं. वे बिहार के मिथिला क्षेत्र के निवासी हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं.

उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई की है. शिक्षा के दौरान उन्होंने रिपोर्टिंग, समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, जनसंचार, फोटो जर्नलिज्म, मोबाइल जर्नलिज्म (MOJO) और मीडिया रिसर्च की गहन समझ विकसित की है. अध्ययन के दौरान उन्होंने दूरदर्शन (Doordarshan) में इंटर्नशिप भी की, जहां उन्हें न्यूजरूम की कार्यप्रणाली, टीवी समाचार निर्माण, स्क्रिप्ट लेखन, विजुअल चयन, फील्ड रिपोर्टिग और प्रसारण प्रक्रिया को नजदीक से समझने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ.

पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने मीडिया प्लेटफॉर्म The Newsdharma के माध्यम से ग्राउंड रिपोर्टिंग, जनमत संग्रह (Public Opinion), सामाजिक मुद्दों की कवरेज और स्थानीय समाचारों के संकलन का व्यापक अनुभव प्राप्त किया. उन्होंने विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और जनहित से जुड़े विषयों पर जमीनी स्तर से रिपोर्टिंग करते हुए आम लोगों की आवाज को प्रमुखता से सामने लाने का कार्य किया है.

इसके साथ ही वे NGO Amar Shaheed Bipin Singh Foundation से जुड़कर सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं. स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, युवा सशक्तिकरण, धार्मिक और जनकल्याण से जुड़े अभियानों में उनकी विशेष भागीदारी रही है. समाज के विभिन्न वर्गों के बीच जागरूकता फैलाने और सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों में वे निरंतर योगदान देते रहे हैं.

वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कार्यरत विवेक सिंह राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, खेल, अपराध, रियल-टाइम समाचारों, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक विषयों से जुड़ी खबरों पर लेखन करते हैं. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization), कंटेंट प्लानिंग और ट्रेंड-आधारित समाचार लेखन की अच्छी समझ है. ब्रेकिंग न्यूज की पहचान, त्वरित कवरेज और कम समय में तथ्यपरक समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यक्षमताओं में शामिल है.

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