बिहार में थमी हिंसा तो शुरू हुई सियासत, अमित शाह, तेजस्वी व ललन सिंह समेत अन्य ने इन बयानों से किए हमले..

बिहार में पिछले दिनों शुरू हुई हिंसा अब थम गयी है. वहीं हिंसा थमने के बाद अब बिहार में इसे लेकर राजनीति शुरू हो गयी है. गृह मंत्री अमित शाह, डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव व जदयू अध्यक्ष ललन सिंह समेत अन्य नेताओं ने एक दूसरे पर हमला बोला..
Politics On Bihar Violence: बिहार में शुक्रवार को रामनवमी शोभायात्रा के दौरान शुरू हुई हिंसा का असर रविवार तक दिखता रहा. शनिवार को भी बिहारशरीफ में उपद्रव (Bihar Sharif Riot) हुआ और गोलीबारी में एक युवक की मौत तक हो गयी. गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) पिछले तीन दिनों से बिहार में ही थे. हिंसक माहौल की वजह से सासाराम का उनका कार्यक्रम भी भाजपा ने रद्द कर दिया. अब जाकर हिंसा थमी है तो बिहार में इसे लेकर सियासत जरुर शुरू हो गयी है. गृह मंत्री, मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री समेत अन्य नेताओं ने एक दूसरे पर हमला किया…
रविवार को बिहारशरीफ का माहौल सामान्य ही रहा. प्रशासन ने मुस्तैदी से मोर्चा थामा और लोगों से धारा 144 का पालन करवाया. वहीं रविवार को ही गृह मंत्री अमित शाह ने नवादा रैली से हुंकार भरी. बिहार की हिंसा को बेस बनाकर उन्होंने राज्य सरकार पर हमला ही नहीं बोला बल्कि आगामी लोकसभा व विधानसभा चुनाव से भी इसे जोड़ दिया. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बनी तो दंगाई को उल्टा लटकाकर सीधा कर देंगे. कहा कि भाजपा शासित प्रदेशों में दंगे नहीं होते.
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गृह मंत्री अमित शाह ने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह पर निशाना साधा और कहा कि हमने बिहार के राज्यपाल को फोन किया तो ललन सिंह बुरा मान गए कि क्यों चिंता करते हो. अमित शाह बोले कि गृह मंत्री हूं तो क्या बिहार की कानून-व्यवस्था की चिंता करना मेरा काम नहीं है? क्या बिहार देश का हिस्सा नहीं है. आप नहीं संभाल सकते हैं इसलिए मैं चिंता करता हूं.
वहीं जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने पलटवार कर कहा कि मुझे क्यों अमित शाह जी के बिहार आने या उनके राज्यपाल को फोन करने से तकलीफ होगी. आप 10 बार फोन कीजिए. बिहार घूमिए और जहां मन हो वहां जाइये पर परिणाम शून्य ही दिखेगा. उधर राजद के उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा कि अमित शाह ने सीएम से नहीं बल्कि राज्यपाल से हालात का जायजा लिया. यह संघीय ढांचे के विरुद्ध है. भाजपा बिहार को लेकर भयभीत है और अमित शाह की भाषा से ये साफ दिखता है.
बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी इस हिंसा को लेकर ट्वीट किया. डिप्टी सीएम ने लिखा कि बिहार में सद्भाव बिगाड़ने की संघी कोशिश पर सरकार की पैनी नजर है. जिन राज्यों में भाजपा कमजोर है वहां बौखलाई हुई है. भाईचारे को तोड़ने के किसी भी भाजपाई प्रयोग का हमने माकूल जवाब दिया है और देते रहेंगे. जबकि सीएम नीतीश कुमार ने इस हिंसा को लेकर आशंका जताई थी कि आजतक ऐसा कभी नहीं हुआ फिर ये अचानक कैसे. उन्हें किसी की साजिश इसमें लगती है.
Posted By: Thakur Shaktilochan
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