Bihar Police: हर पुलिस लाइन में खुलेंगे आवासीय विद्यालय, शहीद परिवारों के इलाज के लिए बीमा-सम्राट चौधरी का एलान

Deputy Chief Minister and HomeMinister Samrat Chaudhary
Bihar Police: बिहार के पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए एक ऐसी खबर आई है जो न सिर्फ उनके भविष्य को सुरक्षित करेगी, बल्कि उनके बच्चों के सपनों को भी नई उड़ान देगी. राजधानी पटना के पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने जो घोषणाएं कीं, अब बिहार की हर पुलिस लाइन में जवानों के बच्चों के लिए अत्याधुनिक आवासीय विद्यालय खोले जाएंगे,
Bihar Police: वर्दी पहनने वाले हाथों की चिंता अब सरकार खुद उठाएगी. चाहे वह बच्चों की पढ़ाई हो या परिवार की सुरक्षा. बिहार सरकार ने पुलिसकर्मियों के कल्याण को लेकर एक बड़ा और भावनात्मक फैसला किया है.
उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने ऐलान किया है कि राज्य की सभी पुलिस लाइनों में पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए आवासीय विद्यालय खोले जाएंगे. इन स्कूलों में ड्रेस से लेकर जरूरी शैक्षणिक सुविधाएं सरकार उपलब्ध कराएगी. यह घोषणा ऐसे वक्त पर आई है, जब ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा देने की जरूरत लगातार महसूस की जा रही थी.
पुलिस लाइनों में खुलेंगे आवासीय विद्यालय
शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय के ऑडिटोरियम में बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा आयोजित ‘बैंक ऑफ बड़ौदा बिहार पुलिस सैलरी पैकेज एवं बीमा लाभ वितरण कार्यक्रम’ में सम्राट चौधरी ने यह अहम घोषणा की.
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों की ड्यूटी अक्सर कठिन परिस्थितियों में होती है, ऐसे में उनके बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी सरकार की भी है. आवासीय विद्यालयों के माध्यम से बच्चों को सुरक्षित माहौल और बेहतर शिक्षा मिल सकेगी.
शहीदों और दिवंगत पुलिसकर्मियों के परिवारों को आर्थिक संबल
कार्यक्रम के दौरान 36 दिवंगत पुलिसकर्मियों के परिवारों को बीमा राशि का वितरण किया गया. सम्राट चौधरी ने भावुक स्वर में कहा कि सरकार पुलिसकर्मियों की दुर्घटनाओं और बीमारियों से होने वाली मौतों को कम करने के लिए गंभीर है. उन्होंने मंच से कहा कि यहां मौजूद कई परिवारों ने अपने प्रियजन खोए हैं और सरकार उनके दर्द को समझती है.
करोड़ों की बीमा राशि का वितरण
एआईजी कल्याण स्मिता सुमन ने जानकारी दी कि बैंक ऑफ बड़ौदा के पुलिस सैलरी पैकेज से जुड़े बीमा लाभ के तहत अब तक 90 पुलिसकर्मियों के परिवारों को सहायता दी जा चुकी है. कुल 42 करोड़ 45 लाख रुपये की बीमा राशि का वितरण हुआ है.
शुक्रवार को 36 परिवारों को 25 करोड़ 65 लाख रुपये दिए गए. दुर्घटना में दिवंगत 12 पुलिसकर्मियों के आश्रितों को प्रत्येक को लगभग दो करोड़ रुपये तक की राशि मिली, जबकि बीमारी या प्राकृतिक मृत्यु के मामलों में 24 परिवारों को 20-20 लाख रुपये दिए गए. इनमें दो महिला कांस्टेबलों के परिजन भी शामिल हैं.
बेहतर इलाज और कैशलेस मेडिकल सुविधा की तैयारी
डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए सरकार और पुलिस मुख्यालय मिलकर लगातार प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर मेडिकल सुविधाएं, कैशलेस इलाज और कैंसर व हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों में विशेष सहायता की योजनाएं तैयार की जा रही हैं.
पुलिस लाइनों में चलेगी ‘जीविका दीदी’ की रसोई
सम्राट चौधरी ने यह भी घोषणा की कि पुलिस लाइनों में भोजन व्यवस्था की समस्या को दूर करने के लिए जीविका दीदियों के माध्यम से रसोई व्यवस्था सभी जिलों में जल्द लागू की जाएगी. इससे पुलिसकर्मियों को स्वच्छ और सुलभ भोजन मिलेगा और ग्रामीण महिलाओं को रोजगार भी मिलेगा.
सैलरी पैकेज और बीमा क्लेम के लिए हेल्पलाइन
कार्यक्रम में बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा पुलिस सैलरी पैकेज और बीमा क्लेम से जुड़ी जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 9155550046 और 9155550047 का शुभारंभ भी किया गया.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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