बिहार: आवासीय परिसर में शराब पकड़ाने पर चिह्नित भाग ही होगा सील, शराबबंदी कानून में बदलाव को कैबिनेट की मंजूरी

आवासीय परिसार के मामले में संपूर्ण परिसर अथवा पूरा आवास सील नहीं होगा. सील करने का प्रस्ताव प्राप्त होने पर डीएम सुनवाई का अवसर देंगे और प्रभावी पक्षकार की उपस्थिति के 90 दिनों के अंदर सीलबंदी का आदेश जारी करेंगे.
पटना. कैबिनेट ने बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद नियमावली-2021 के प्रारूप को स्वीकृति दी गयी. इसमें प्रावधान है कि किसी भी परिसर में शराब का निर्माण, बोतल बंदी, भंडारण, बिक्री अथवा आयात-निर्यात किया जाता है, तो वैसे संपूर्ण परिसर को सील किया जायेगा, जबकि आवासीय परिसरों का चिह्नित भाग ही सील किया जायेगा.
आवासीय परिसार के मामले में संपूर्ण परिसर अथवा पूरा आवास सील नहीं होगा. सील करने का प्रस्ताव प्राप्त होने पर डीएम सुनवाई का अवसर देंगे और प्रभावी पक्षकार की उपस्थिति के 90 दिनों के अंदर सीलबंदी का आदेश जारी करेंगे.
कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने बताया कि नयी नियमावली में प्रावधान किया गया है कि इएनए व इथनॉल उत्पादित करनेवाली अनाज आधारित शराब की गतिविधि 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था के अधीन संचालित होगी.
उसका विवरण कम-से-कम एक माह तक निरीक्षण के लिए सुरक्षित रखा जायेगा. बिहार से गुजरने वाले मादक द्रव्य से लदे वाहनों को राज्य सीमा के अंदर प्रवेश करने के लिए घोषित चेकपोस्ट पर ही सीमा में प्रवेश करना होगा और घोषित चेकपोस्ट से ही राज्य सीमा से 24 घंटे के अंदर निकलना अनिवार्य होगा.
छावनी क्षेत्र व मिलिट्री स्टेशन को शराब भंडारित करने की अनुमति होगी और कैंटोनमेंट क्षेत्र से बाहर किसी भी कार्यरत या सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी को शराब रखने या उपभोग करने की अनुमति नहीं होगी.
Posted by Ashish Jha
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By Prabhat Khabar News Desk
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