रेरा बिहार 2.0 लॉन्च, अब मोबाइल पर एक क्लिक में खुलेगी वेबसाइट

Updated at : 25 Mar 2026 10:21 AM (IST)
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Bihar News

रेरा बिहार 2.0 वेबसाइट मोबाइल पर

Bihar News: बिहार में घर खरीदारों और बिल्डरों के लिए बड़ी सुविधा शुरू हो गई है. बिहार भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) की नई वेबसाइट ‘रेरा 2.0’ लॉन्च कर दी गई है, जो अब मोबाइल पर भी आसानी से खुलेगी. इस नए प्लेटफॉर्म पर आम लोग, बिल्डर और एजेंट सभी एक क्लिक में जरूरी जानकारी हासिल कर सकेंगे, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ेंगी.

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Bihar News: बिहार भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (RERA) ने राज्य के रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता लाने के लिए एक बड़ा धमाका किया है. रेरा बिहार के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह और नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने संयुक्त रूप से रेरा की नई वेबसाइट (RERA 2.0) को लॉन्च कर दिया है.

इस नई वेबसाइट को खास तौर पर आम लोगों और घर खरीदारों की सहूलियत को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है.

मोबाइल फ्रेंडली डिजाइन

नई वेबसाइट की सबसे बड़ी खूबी इसका मोबाइल फ्रेंडली होना है. अक्सर सरकारी वेबसाइटें फोन पर ठीक से नहीं खुलती थीं, लेकिन ‘रेरा 2.0’ को इस तरह विकसित किया गया है कि यह किसी ऐप की तरह स्मूथ चलती है.अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह के अनुसार, वेबसाइट का लेआउट ऐसा है कि जरूरी सूचनाएं पाने के लिए अब यूजर को बार-बार सर्च नहीं करना पड़ेगा.

होम पेज पर ही निबंधित प्रोजेक्ट्स की सूची, प्रमोटरों की रैंकिंग और रजिस्टर्ड एजेंटों का पूरा ब्यौरा दिया गया है. इससे खरीदार यह तय कर सकेंगे कि उनका पैसा सुरक्षित हाथों में है या नहीं.

रेरा बिहार वेबसाइट

चार खंडों में बंटी वेबसाइट

वेबसाइट को चार मुख्य हिस्सों में बांटा गया है ताकि भ्रम की स्थिति न रहे. पहला खंड आम जनता के लिए है जहां प्रोजेक्ट्स की विश्वसनीयता जांची जा सकती है. दूसरे खंड में घर खरीदारों के लिए ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने और केस की स्थिति जानने की सुविधा है.

वहीं तीसरा और चौथा खंड बिल्डरों और एजेंटों के लिए समर्पित है, जहां वे अपने प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन, विस्तार और तिमाही प्रगति रिपोर्ट (QPR) आसानी से अपलोड कर सकेंगे. अब रेरा के आदेशों की प्रमाणित कॉपी भी सीधे वेबसाइट से डाउनलोड की जा सकती है.

अवैध निर्माण पर अब जनता रखेगी नजर

रेरा की इस नई डिजिटल पहल में सबसे क्रांतिकारी कदम ‘अवैध निर्माण’ से जुड़ा लिंक है. होम पेज पर ही उन इमारतों और प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी गई है जो रेरा कानूनों का उल्लंघन कर बनाए जा रहे हैं. इससे खरीदार ठगी का शिकार होने से बचेंगे.

अगर आप भी घर लेने की सोच रहे हैं, तो इस नई वेबसाइट पर जाकर अपने बिल्डर का स्टेटस चेक करना अब आपकी पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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