पटना हाईकोर्ट में सुरक्षा सख्त, बिना तलाशी नहीं मिलेगी एंट्री-गाड़ियों के लिए पास जरूरी

Updated at : 24 Mar 2026 7:01 PM (IST)
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पटना हाईकोर्ट

Bihar News: पटना उच्च न्यायालय में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है. पटना हाईकोर्ट की सुरक्षा समिति के फैसलों के बाद कोर्ट प्रशासन ने नया निर्देश जारी किया है. इसके तहत अब बिना तलाशी किसी भी व्यक्ति को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. यह कदम बढ़ती सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है.

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Bihar News: हाई कोर्ट परिसर में प्रवेश करना पहले जैसा आसान नहीं होगा. सुरक्षा समिति की हालिया बैठक के बाद कोर्ट प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत अब बिना तलाशी और पहचान पत्र के किसी भी व्यक्ति को परिसर के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

यह फैसला हाई कोर्ट की सुरक्षा को अभेद्य बनाने और रोजाना आने वाले हजारों लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है.

बिना तलाशी नहीं होगी एंट्री

कोर्ट प्रशासन की ओर से जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि हाईकोर्ट परिसर में प्रवेश से पहले हर व्यक्ति की जांच अनिवार्य होगी. वकील, उनके क्लर्क (मुंशी) और मुवक्किल—सभी को सुरक्षा जांच से गुजरना होगा. साथ ही सभी को अपने सामान की स्कैनिंग और तलाशी में सुरक्षाकर्मियों का सहयोग करना होगा.

वाहनों पर भी सख्ती

नई व्यवस्था के तहत अब कोई भी वाहन बिना वैध पास के हाईकोर्ट परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा. केवल हाईकोर्ट द्वारा जारी पासधारी दोपहिया और चारपहिया वाहनों को ही अंदर आने की अनुमति दी जाएगी. इससे सुरक्षा जोखिम और अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित किया जा सकेगा.

वकीलों और क्लर्कों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य

कोर्ट प्रशासन ने साफ किया है कि सभी वकीलों और उनके क्लर्कों को प्रवेश के समय पहचान पत्र दिखाना जरूरी होगा. इस संबंध में हाईकोर्ट के महानिबंधक की ओर से नोटिस जारी कर तीनों अधिवक्ता संघों को सूचित कर दिया गया है.

सुरक्षा बनी प्राथमिकता

पटना हाईकोर्ट में प्रतिदिन हजारों लोगों का आना-जाना होता है. यहां चार हजार से अधिक वकील, उनके क्लर्क और करीब एक हजार मुवक्किल रोज पहुंचते हैं. ऐसे में सुरक्षा को लेकर सख्ती जरूरी मानी जा रही है. पूरे परिसर की सुरक्षा डीएसपी के नेतृत्व में की जाती है और हर गेट पर सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं.

हाईकोर्ट परिसर में कुल पांच गेट हैं, जिनमें एक गेट न्यायाधीशों के लिए आरक्षित है. बाकी चार गेट से आम लोगों, वकीलों और मुवक्किलों का प्रवेश होता है. सभी गेटों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी, साथ ही कोर्ट रूम और कॉरिडोर में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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