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Arwal: अब जीविका दीदियां गांवों में घूम-घूमकर स्वास्थ्य की करेंगी जांच, मात्र 5 रुपए परामर्श शुल्क किए गए हैं निर्धारित...

Updated at : 17 Jul 2024 10:46 AM (IST)
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jeevika didi news arwal | Bihar News: Now Jeevika Didis will roam around the villages and check their health.

Bihar News: अरवल में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और लोगों को सामान्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक सार्थक पहल शुरू की गई है. जिले की जीविका दीदियां को अब लोगों की स्वास्थ्य जांच करने की जिम्मेदारी भी दे दी गई है.

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Bihar News: अरवल में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और लोगों को सामान्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक सार्थक पहल शुरू की गई है. जिले की जीविका दीदियां को अब लोगों की स्वास्थ्य जांच करने की जिम्मेदारी भी दे दी गई है.

सामुदायिक पोषण संसाधनसेवी के तौर पर जिले की 50 जीविका दीदियों का चयन किया गया है. विभाग द्वारा इनको प्रशिक्षित भी किया गया है. साथ ही जांच के लिए ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर जांच, वजन तौलने की मशीन सहित अन्य उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं.

घूम-घूमकर स्वास्थ्य की करेंगी जांच

गांवों में घूम-घूमकर लोगों के स्वास्थ्य की प्राथमिक जांच करेंगी. जिनकी जांच की जाएगी उनको जीविका दीदी को मामूली शुल्क पांच रुपए भुगतान करने होंगे. प्राथमिक जांच में ब्लड प्रेशर, शुगर या अन्य बीमारी मिलने पर मरीज को तुरंत एएनएम के माध्यम से नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराएंगी.

इससे हार्ट अटैक, ब्रेन हैमरेज, लकवा जैसे मामले कम हो जाएंगे. स्वास्थ्य जांच के साथ प्रशिक्षित जीविका दीदी सामान्य बीमारी से बचाव के उपाय भी बताएंगी.

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जानकारी के अभाव में बढ़ जाती हैं बीमारियां

दरअसल, जानकारी के अभाव में आम लोगों के स्वस्थ शरीर में बीमारी अपनी जगह बना लेती है. पहले दौर में बीमारी की पहचान न होने व समय पर इलाज न होने से बीमारी गंभीर हो जाती है. जीविका दीदियों द्वारा प्राथमिक जांच करने से बीमारी की पहचान होगी और समय पर इलाज भी हो सकेगा.

गर्भवती महिलाओं की भी जांच और देखभाल की जिम्मेदारी

गांवों में सामुदायिक पोषण संसाधनसेवी सह जीविका दीदीयों को गर्भवती महिलाओं की भी पूरी देखभाल करने की जिम्मेदारी दी गई है. इसके लिए विभाग ने इन्हें सुरक्षा किट उपलब्ध कराया है. महिलाओं के गर्भवती होने से लेकर बच्चा होने तक में होने वाली सभी तरह की जांच व जरूरत के अनुसार उन्हें पोषण उपलब्ध कराने की जानकारी भी देंगी.

जरूरत पड़ी तो एएनएम के माध्यम से गर्भवती महिलाओं के लिए दवा भी उपलब्ध कराएंगी. गांव-गांव में जाने वाली जीविका दीदियों से आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य पूरा करने में भी मदद ली जाएगी ताकि आसानी से जरूरतमंद लोगों को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध हो सके.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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