Bihar News: दिल्ली व मुंबई समेत बड़े शहरों के मॉल में मुजफ्फरपुर के बैग की डिमांड, जीविका दीदियों के व्यवसाय में आयी तेजी

Updated at : 09 Sep 2024 8:13 PM (IST)
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जीविका दीदियां | फोटो-विनय कुमार

जीविका दीदियां | फोटो-विनय कुमार

Bihar News: दिल्ली और मुंबई सहित कई बड़े शहरों के मॉल में जीविका दीदियों द्वारा तैयार बैग की डिमांड है. हर महीने बियाडा स्थित बैग क्लस्टर से डेढ़ लाख बैग की सप्लाई की जा रही है.

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Bihar News: मुजफ्फरपुर. गुणवत्ता व डिजायन में बेहतर होने के चलते मुजफ्फरपुर में बने बैग दूसरी कंपनियों को मात दे रहे हैं. विभिन्न राज्यों सहित दिल्ली और मुंबई के मॉल में यहां की जीविका दीदियों द्वारा तैयार बैग की डिमांड है. हर महीने बियाडा स्थित बैग क्लस्टर से डेढ़ लाख बैग की सप्लाई की जा रही है. बावजूद मांग पूरी नहीं हो पा रही है. अभी से जनवरी तक बैग की डिमांड में तेजी रहती है. ऐसी स्थिति में बैग का उत्पादन अधिक करने की तैयारी हो रही है.

हर महीने डेढ़ लाख बैग तैयार कर रहीं जीविका दीदियां

बैग क्लस्टर में 42 उद्यमी दीदियों का बैग कारखाना है. प्रत्येक कारखाने में 22 दीदियां काम कर रहीं हैं. एक बैग बनाने पर दीदी को 60 रुपये का मेहनताना मिलता है. यहां स्कूल बैग से लेकर ट्रैवल बैग की करीब एक सौ वेराइटी बनायी जा रही है. फिलहाल बैग क्लस्टर में 904 दीदियां काम कर रही हैं लेकिन मांग बढ़ेगी तो इसका और विस्तार करने की योजना है. यहां के निर्मित बैग विभिन्न कंपनियों के माध्यम से देशभर में सप्लाई किये जाते हैं. जीविका के गैर कृषि कार्य प्रबंधक के मैनेजर अविनाश कुमार ने बताया कि बैग की डिमांड पहले से ज्यादा बढ़ी है. यहां का बैग गुणवत्ता व कीमत के आधार पर दूसरी कंपनियों से अच्छा है. यही कारण है कि इन दिनों बैग की डिमांड काफी बढ़ी हुई है.

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बैग क्लस्टर ने बनायी कंपनी, दीदियां खुद करेंगी मार्केटिंग

बैग की बढ़ती डिमांड को देखते हुए बैग क्लस्टर से जुड़ीं दीदियों ने तिरहुत जीविका महिला बैग प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड बनायी है. इसके माध्यम से वे खुद मार्केटिंग करेंगी. अक्तूबर से दीदियां बैग की खुद मार्केटिंग करेंगी. इससे दीदियों का मुनाफा बढ़ेगा. बैग क्लस्टर से जुड़ी दीदियों ने बताया कि मुजफ्फरपुर के बने बैग की पहचान अब अन्य राज्यों में होने लगी है. यहां के बैग की मार्केटिंग में अब किसी तरह की परेशानी नहीं है. हमलोग अब अधिक संख्या में बैग बनाने पर ध्यान दे रहे हैं.

बैग निर्माण से जीविका दीदियों को रोजगार के अवसर मिले हैं. यहां की दीदियों द्वारा बनाया गया बैग अब दूसरे राज्यों व महानगरों में पसंद की जा रही है. इसके मार्केटिंग का दायरा भी बढ़ा है. हमलोग इसका और विस्तार कर रहे हैं. बैग की मार्केटिंग के लिए नयी कंपनी भी बना ली गयी है. आने वाले समय में बैग क्लस्टर से उत्पादन की संख्या भी बढ़ेगी. – अनीशा, डीपीएम, जीविका

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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