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Bihar News: मुजफ्फरपुर. प्रभात कुमार. रामदयालु नगर स्थित राय बहादुर टुनकी साह राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का कायाकल्प होने जा रहा है. करीब 111 करोड़ रुपये की लागत से इसे सूबे के पहले ”मॉडल” होम्योपैथिक कॉलेज के रूप में विकसित किया जा रहा है. निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यह न केवल बिहार, बल्कि देश के आधुनिकतम आयुष संस्थानों में गिना जाएगा.डीएम सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के आधुनिकीकरण का काम शुरु हो गया है.
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी नयी बिल्डिंग
परियोजना के तहत कैंपस में भव्य और भूकंपरोधी इमारतों का निर्माण किया जा रहा है. अस्पताल को पूरी तरह हाईटेक बनाया जाएगा, ताकि मरीजों को एक ही छत के नीचे सभी जांच सुविधाएं मिल सकें. इसमें आधुनिक एक्स-रे, सिटी स्कैन, एमआरआई और डेंटल लैब की सुविधा होगी. साथ ही, मरीजों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए एक विशेष योग केंद्र भी स्थापित किया जाएगा. पर्यावरण संरक्षण को देखते हुए पूरी बिल्डिंग को सोलर पैनल से लैस किया जाएगा.
छात्रों के लिए बेहतर अवसर
बीआर अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय से संबद्ध इस एकमात्र सरकारी होम्योपैथिक कॉलेज में शैक्षणिक स्तर को भी सुधारा जा रहा है. ऑडिटोरियम और क्लासरूम में आधुनिक सुविधाओं के साथ क्षमता विस्तार किया जा रहा है. आयुष मंत्रालय के मानकों के अनुरूप लैब और रिसर्च सेंटर बनाए जा रहे हैं.परिसर में लिफ्ट की सुविधा होगी, जिससे दिव्यांग मरीजों और बुजुर्गों को परेशानी नहीं होगी.
उत्तर बिहार के लिए बनेगा ”वरदान”
वर्तमान में होम्योपैथी चिकित्सा के लिए बड़ी संख्या में लोग निजी क्लीनिकों पर निर्भर हैं. इस मॉडल अस्पताल के बनने से गरीब मरीजों को मुफ्त और विश्वस्तरीय इलाज मिल सकेगा. जानकारों का मानना है कि इस पहल से होम्योपैथी के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ेगा और मुजफ्फरपुर मेडिकल हब के रूप में और मजबूती से उभरेगा.
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