नई विज्ञापन पॉलिसी पर घमासान, नियम तोड़ने पर जुर्माना खत्म, नगर निगम बोर्ड में आज होगी तीखी बहस

Updated at : 07 Feb 2026 10:31 AM (IST)
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Controversy erupts over Patna Municipal Corporation's new advertising policy

Controversy erupts over Patna Municipal Corporation's new advertising policy

Bihar News: बिहार सरकार ने नगरपालिका क्षेत्र विज्ञापन नियमावली 2025 के संशोधन को मंजूरी दे दी है. इसके तहत पटना नगर निगम समेत राज्य के सभी नगर निकायों को संशोधित ड्राफ्ट भेजा गया है, जिस पर उनकी सहमति के बाद इसे लागू किया जाएगा. संशोधित नियमावली में सबसे बड़ा बदलाव आउटडोर विज्ञापन नियमों के उल्लंघन पर लगने वाले 100 से 200 प्रतिशत तक के जुर्माने को हटाना है

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Bihar News: राज्य सरकार द्वारा नगरपालिका क्षेत्र विज्ञापन नियमावली 2025 में किए गए बड़े बदलावों ने शहर में बहस छेड़ दी है. सबसे चौंकाने वाला फैसला अवैध होर्डिंग लगाने वालों पर लगने वाले भारी-भरकम जुर्माने को खत्म करना है. जहां पहले नियमों के उल्लंघन पर 200 प्रतिशत तक दंड का प्रावधान था, वहीं अब नई नीति में इस ‘चाबुक’ को हटा दिया गया है.

आज शनिवार को होने वाली पटना नगर निगम बोर्ड की बैठक में इस मुद्दे पर हंगामे के आसार हैं, क्योंकि विपक्षी पार्षद सरकार के इस रुख पर सवाल उठा रहे हैं.

जुर्माने की जगह समिति को मिला अधिकार

अब तक विज्ञापन पॉलिसी के उल्लंघन पर सीधे आर्थिक दंड लगाने का प्रावधान था, जिसे संशोधित नियमावली में खत्म कर दिया गया है. संशोधन में कहा गया है कि नगरपालिका अधिनियम 2027 के तहत नियमों के उल्लंघन पर ‘सुसंगत कार्रवाई’ की जाएगी, हालांकि इस कार्रवाई का स्वरूप क्या होगा, यह स्पष्ट नहीं किया गया है.

पटना नगर निगम बोर्ड की बैठक में विपक्षी पार्षद इस संशोधन पर सवाल खड़े करने की तैयारी में हैं. उनका तर्क है कि जुर्माने का प्रावधान हटने से अवैध होर्डिंग्स पर नियंत्रण और कमजोर हो जाएगा. बैठक के एजेंडे में डोर-टू-डोर कचरा उठाव के लिए संसाधनों की खरीद, प्रत्येक वार्ड में एक करोड़ की योजनाएं और संपत्ति कर पर ब्याज व जुर्माने में छूट जैसे मुद्दे भी शामिल हैं.

बेस रेट और जोन शुल्क पर असमंजस

संशोधित विज्ञापन पॉलिसी के ड्राफ्ट में शुल्क निर्धारण को लेकर कई अहम जानकारियां पार्षदों को नहीं दी गई हैं. यह स्पष्ट नहीं है कि विज्ञापन शुल्क का बेस रेट क्या होगा और शहर के अलग-अलग जोन में आउटडोर विज्ञापन के लिए कितना शुल्क लिया जाएगा. निजी और सरकारी जमीन या भवनों पर होर्डिंग्स लगाने के नियम भी अस्पष्ट बने हुए हैं.

विज्ञापन पॉलिसी लंबे समय से लागू न होने के कारण शहर में बेतरतीब होर्डिंग्स और बैनरों की भरमार है. सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर ऊंची इमारतों पर भारी लोहे के ढांचे खड़े किए जा रहे हैं, जिससे न सिर्फ शहर की सूरत बिगड़ रही है, बल्कि राहगीरों की सुरक्षा भी खतरे में है.

नगर निगम को 50 करोड़ का सालाना नुकसान

विज्ञापन पॉलिसी नहीं होने से पटना नगर निगम को बीते करीब दस वर्षों से राजस्व नहीं मिल पा रहा है. अनुमान के मुताबिक हर साल 50 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो रहा है. यही स्थिति राज्य के अन्य 19 नगर निगमों और नगर परिषदों में भी बनी हुई है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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