बिहार: यूनिवर्सिटी में परीक्षा से संविदा पर नियुक्त होंगे प्रयोगशाला प्रदर्शक और लाइब्रेरियन, जानें डिटेल
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 03 Jun 2023 7:19 AM
बिहार के सरकारी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में प्रयोगशाला प्रदर्शकों और लाइब्रेरियन की नियुक्ति की जायेगी. यह नियुक्तियां संविदा पर होगी, मगर चयन परीक्षा से होगा.
बिहार के सरकारी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में प्रयोगशाला प्रदर्शकों और लाइब्रेरियन की नियुक्ति की जायेगी. यह नियुक्तियां संविदा पर होगी और चयन परीक्षा से होगा. बाद में नियमित नियुक्तियों में इन्हीं को विशेष वेटेज मिलेगा. शिक्षा मंत्री प्रो चंद्रशेखर की अध्यक्षता में हुई एक विशेष बैठक में यह निर्णय लिया गया. शिक्षा विभाग के सभागार में हुई बैठक में नियोजन से जुड़े कई मुद्दों पर सहमति बनी. शिक्षा विभाग के 11 संस्थानों में निदेशकों और उप निदेशकों की नियुक्ति करने पर एक राय बनी. इस नियुक्ति की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाने की संभावना है.
बैठक में बताया गया कि निदेशकों की नियुक्तियां बिहार लोक सेवा आयोग से होती हैं. इनमें तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की नियुक्ति करने की बात कही गयी. यह नियुक्तियां कर्मचारी चयन आयोग से करायी जा सकती है. विभाग से जुड़ी छह अकादमियों को पुनर्जीवित करने योजना बनाने के निर्देश दिये गये. जानकारी के अनुसार सरकारी कॉलेजों और विवि में तृतीय श्रेणी के कुल पदों में से 50% से भी कम पदों पर लोग काम कर रहे हैं. रिजल्ट के आधार पर सरकारी अनुदान और वेतन राशि बांटने वाले 229 कॉलेजों में वेतन व दूसरे प्रकार की राशि वितरित करने में काफी दिक्कत आ रही है. ऐसे में कमेटी बना कर पूरे मामले की जांच करायी जाये.
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कृषि विभाग में प्रखंड तकनीकी प्रबंधक के 288, सहायक तकनीकी प्रबंधकों के 587, लेखापाल के 160, एवं आशुलिपिक के 06 पदों सहित 1041 पदों के लिए चल रही नियोजन प्रक्रिया 30 जून तक पूरी हो जायेगी. बामेती की योजनाओं की समीक्षा में कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत ने शुक्रवार को सभी रिक्त पदों का नियोजन शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया. बैठक में कृषि मंत्री ने पाया कि पिछले वर्ष केंद्र सरकार द्वारा आत्मा योजना को 100 करोड़ के बजट के साथ स्वीकृत किया गया था. लेकिन, पूरे वर्ष केवल मार्च के अंतिम पखवाड़े में 25% राशि विमुक्त की गयी, जिससे योजनाएं प्रभावित हुईं. वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए केंद्र सरकार ने केंद्रांश कम करके 48.81 करोड़ कर दिया है. चौथे कृषि रोड मैप में किसानों के हित में प्रसार कार्यक्रमों के लिए 2023-24 में 123 करोड़ रुपये निर्धारित है. परंतु केंद्र द्वारा कम राशि मिलने से कार्यक्रमों को चौथे कृषि रोड मैप के लक्ष्यों के अनुसार चलाना मुश्किल होगा.
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