आक्रोश . बिजली की समस्या को ले ग्रामीणों ने जाम किया रेल व सड़क मार्ग
आरा : पटना-मुगलसराय रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन ठप होने की वजह से दानापुर से गहमर तक ट्रेनों की लंबी कतार लग गयी. कारीसाथ में शटल पैसेंजर ट्रेन के फंसी रहने की वजह से हजारों यात्रियों फंसे रहे. इस दौरान कारीसाथ में बक्सर-फतुहा पैसेंजर, आनंद विहार-भागलपुर विक्रमशिला एक्सप्रेस व कुर्ला-राजेंद्रनगर एक्सप्रेस बिहिया, अहमदाबाद-पटना स्पेशल बनाही, बेंगलुरू-दानापुर संघमित्रा रघुनाथपुर, यशवंतपुर-पाटलिपुत्रा टुड़ीगंज, जनसाधरण डुमरांव, बक्सर-पटना पैसेंजर बरुना व अप में फरक्का कारीसाथ, महानंदा व पटना-वाराणसी पैसेंजर आरा, सीमाचंल एक्सप्रेस कुल्हड़िया, पटना-मुगलसराय पैसेंजर सहित अन्य ट्रेनें सिगनल के इंतजार में खड़ी रहीं. इसके कारण लोग भूखे-प्यासे छटतटाते रहे. वहीं डाउन में समय से रैक नहीं पहुंचने की वजह से ट्रेनों को री-शेड्यूल किया गया.
मरीजों का नहीं हो सका इलाज : शटल पैसेंजर ट्रेन लोगों के लिए लाइफलाइन है. इसी वजह से आंदोलनकारी इसी ट्रेन को हमेशा निशाना बनाते है. बुधवार को बिजली की समस्या से जूझ रहे लोगों द्वारा रेलवे ट्रैक के साथ सड़क मार्ग को जाम किये जाने की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों को हुई. पहले से डॉक्टरों द्वारा समय दिया गया था. जाम में फंसने के कारण वे लोग समय पर नहीं पहुंच सके. बिहिया के रमेश कुमार ने बताया कि उनको पटना में साढ़े नौ बजे सुबह में जांच के लिए बुलाया गया था, लेकिन वो समय पर नहीं पहुंच सके. इसी तरह बिस्कोमान की परीक्षा में शामिल होने के लिए जा रहे शशांक शेखर उपाध्याय ने कहा कि उनका परीक्षा 11 बजे से बेली रोड में है. इस ट्रेन को रोके जाने की वजह से वो समय पर नहीं पहुंच सके.
कई लोग ट्रेन से उतर कर सड़क मार्ग से जा रहे थे, लेकिन बीवीगंज में सड़क जाम होने की वजह से लोगों को वापस आना पड़ा.
रेलवे का लिखित आदेश का इंतजार कर रहे बिजली कंपनी के अधिकारी
इस इलाके की बिजली को दुरुस्त करने को लेकर रेलवे के ओवरहेड तार के ऊपर से बिजली ले जाने की प्रक्रिया पर बात चल रही है. बिजली कंपनी ने इसके लिए दानापुर रेल मंडल के अधिकारियों से बात की थी, जिसके आलोक में दानापुर डिवीजन के अधिकारियों ने आदेश दिया है, लेकिन बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि रेलवे द्वारा लिखित आदेश नहीं दिया गया है. इसी वजह से ओवरहेड के ऊपर से बिजली नहीं ले जाया जा रहा है.
वीडियो फुटेज से की जायेगी पहचान : रेलवे ट्रैक जाम करने के मामले में आरपीएफ ने तीन सौ अज्ञात लोगों पर एफआइआर दर्ज किया है. आरपीएफ इंस्पेक्टर एसएन राम ने बताया कि वीडियो फुटेज के आधार पर जाम करने वालों की पहचान की जा रही है.
रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की जायेगी.
क्या कहते हैं कार्यपालक अभियंता
रेलवे द्वारा लिखित आदेश नहीं दिया गया है. इस वजह से ओवरहेड तार के ऊपर बिजली के तार गुजरने का काम शुरू नहीं हो पाया है. बिजली कंपनी द्वारा पूर्व में राशि जमा कर दी गयी है, जिसके आलोक में काम भी शुरू हुआ था. एक बार राशि जमा करने के बाद बार-बार राशि जाम नहीं करनी पड़ती है.
संजय कुमार बेरियो, कार्यपालक अभियंता, आरा, साउथ बिहार कंपनी
