चिल्ड्रेन पार्क का नहीं खुला ताला, तो बच्चों ने गिरे पेड़ की डालियों को बनाया झूला
Author Prabhat khabar news desk
Updated:
विज्ञापन

सैंडिस कंपाउंड व जयप्रकाश उद्यान में स्मार्ट सिटी कंपनी व विजयश्री प्रेस के बीच विवाद का खामियाजा नववर्ष पर बच्चों व युवाओं को झेलना पड़ा.
विज्ञापन
सैंडिस कंपाउंड व जयप्रकाश उद्यान में स्मार्ट सिटी कंपनी व विजयश्री प्रेस के बीच विवाद का खामियाजा नववर्ष पर बच्चों व युवाओं को झेलना पड़ा. चिल्ड्रेन पार्क के गेट का ताला नहीं खुला, तो बच्चों ने गिरे हुए पेड़ को ही झूला व अन्य मनोरंजन का साधन बना लिया.
डीएम अंकल नववर्ष पर चिल्ड्रेन पार्क का ताला खुलवा देते
खासकर चिल्ड्रेन पार्क के गेट में लगे ताला को देख कर बच्चों का कहना था डीएम अंकल, चिल्ड्रेन पार्क तो नववर्ष पर खुलवा देते. कई निजी स्कूल के बच्चे चिल्ड्रेन पार्क में इंज्वॉय करने पहुंचे थे. जब उन्हें साधन नहीं मिला, तो जयप्रकाश उद्यान में एक गिरे हुए पेड़ों को ही झूला बना लिया. अधिकतर बच्चे गोड्डी बहादुरपुर नाथनगर के निजी स्कूल के थे. स्कूल के शिक्षक चंदन सिंह, सुधीर चौधरी, प्राचार्य कंचन भारती, राकेश भारती ने बताया कि नववर्ष पर पिकनिक मनाने के लिए आये थे. बच्चों ने कहा कि पहले खेलने के लिए सैंडिस कंपाउंड में कई झूले लगाये गये थे. सब टूट गये और अब स्मार्ट सिटी की ओर से पार्क बनाया गया, लेकिन यहां ताला बंद है.पार्किंग स्थल की तरह पार्क को खुलवाने की थी जरूरत
बच्चों के साथ आये अभिभावकों का कहना था कि जैसे भागलपुर महोत्सव में पार्किंग स्थल को खुलवाया गया था, उसी तरह नववर्ष में एक दिन के लिए भी चिल्ड्रेन पार्क को खुलवाने की जरूरत थी. समृद्ध परिवार के बच्चे डिजनीलैंड में मनोरंजन करते दिखे. भीखनपुर से आये चंद्रशेखर प्रसाद ने कहा कि डिजनीलैंड लगाने के लिए प्रशासनिक पदाधिकारी व स्मार्ट सिटी को अधिकार है, लेकिन बच्चों के लिए चिल्ड्रेन पार्क को खुलवाने का नहीं. केवल पैसा कमाने पर प्रशासन ध्यान दे रहा है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










