-सर्द हवाओं के बीच पिकनिक स्पॉट, उद्यान-पार्क, क्राफ्ट मेला आदि में उमड़ी लोगों की भीड़, मंदिरों में दिनभर हुआ धार्मिक अनुष्ठान
भागलपुर के लोगों ने दिल खोलकर नववर्ष का स्वागत किया. सुबह से धार्मिक स्थलों पर विभिन्न आयु वर्ग के श्रद्धालुओं की भीड़ वहीं होटल-रेस्टोरेंट से लेकर पिकनिक स्पॉट, उद्यान व पार्कों में महिलाएं-बच्चे व युवा जश्न में सराबोर रहे. इतना ही नहीं वर्ष 2026 के खुशामदीद के लिए लोग सर्द हवा व कंपकंपाती ठंड से बेपरवाह रहे. सैंडिस कंपाउंड के मुख्य द्वार, कुप्पाघाट मार्ग, बूढ़ानाथ चौक, डिज्नीलैंड में इस कदर भीड़ रही कि लोगों के पैर रखने की जगह नहीं थी. जयप्रकाश उद्यान, हवाई अड्डा, टिल्हा कोठी में ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी पिकनिक मनाने पहुंचे थे. हवाई अड्डा परिसर में शाहजंगी का परिवार फोर व्हीलर से भोजन का सारा सामान लेकर पहुंचा था. इसमें पांच परिवार की टोली शामिल थी. कई लोग भोजन तैयार करके पिकनिक मना रहे थे.
भागलपुर प्रक्षेत्र के पर्यटन स्थल की ओर रवाना हुए यूथ व परिवार संग बच्चे
इधर विक्रमशिला महाविहार, मंदार हिल, भीम बांध में नववर्ष का जश्न मनाने के लिए युवाओं की टोली व परिवार संग बच्चे रवाना हुए. मंदार हिल ट्रेन, बस व अन्य वाहनों से अहले सुबह सैकड़ों लोग गये. इसके अलावा बांका स्थित ओढ़नी डैम, लक्ष्मीपुर डैम आदि भी गये. शहर स्थित पर्यटन स्थल कुप्पाघाट, जैन सिद्धक्षेत्र, संग्रहालय, लाजपत चिल्ड्रेन पार्क में युवाओं की टोली जमी रही.सैंडिस कंपाउंड में पहली बार नववर्ष में चुकाना पड़ा प्रवेश शुल्क, एजेंसी ने उठाया मौका का फायदा
इसके विपरीत सैंडिस कंपाउंड में प्रवेश करने के लिए पहली बार लोगों को शुल्क चुकाना पड़ा. इतना ही नहीं एजेंसी ने लोगों के मौका व लाचारी का खूब फायदा उठाया. लोगों का कहना था कि भागलपुर शहर में मनोरंजन के लिए सरकारी स्तर पर कोई व्यवस्था नहीं है. एक सैंडिस कंपाउंड था, जिसे व्यावसायिक बना दिया गया. मशाकचक के सतीश कुमार ने बताया कि केवल थोड़ा-बहुत लीपापोती करके करोड़ों रुपये फंड लूट हुई और अब राजस्व देने के नाम पर आमलोगों से पैसा वसूला जा रहा है. सामान्य दिनों में जहां 10 रुपये सुबह आठ से संध्या चार बजे तक शुल्क लिया जाता है. नये साल पर 20 रुपये लेकर संध्या छह बजे तक प्रवेश दिया गया. वहीं तिलकामांझी के छात्र रमण कुमार ने बताया कि कई महानगरों में नये साल पर पार्क में इंट्री फ्री कर दी जाती है. यहां तो उल्टे बढ़ा दिया गया.मीट विक्रेताओं का मजा हुआ किरकिरा, लोगों का करते रहे इंतजार
नववर्ष पर गुरुवार का दिन होने के कारण मीट-मछली विक्रेताओं का मजा किरकिरा हो गया. सनातन संस्कृति में अधिकतर लोगों ने नॉनवेज से परहेज किया. ऐसे में पिछले साल जहां 180 रुपये किलो खड़ा चिकेन बिका था, वहीं इस बार 160 रुपये किलो में भी नहीं बिके. हालांकि सामान्य दिनों में 140 से 150 रुपये किलो खड़ा चिकेन बिकते हैं. दाम बढ़ाने व घटाने का क्रम चलता रहा, लेकिन ग्राहकों का इंतजार करते हुए चिकेन दुकानदार देखे गये. वहीं भीखनपुर त्रिमूर्ति चौक समीप नये साल में अतिरिक्त मटन कारोबारी अपना स्टॉल सजाते थे और ग्राहकों की लाइन लगती थी. इस बार 700 से 750 रुपये किलो मटन लेने नहीं पहुंचे, जबकि पिछले साल 800 रुपये किलो से अधिक कीमत हो गयी थी.
हरी सब्जियों, पनीर व दूध की कीमत चढ़ी
हरी सब्जियों की मंडी गिरधारी साह हाट, तिलकामांझी, मंदरोजा, आदमपुर, भीखनपुर, मिरजानहाट आदि में फूलगोभी, पत्तागोभी आदि की कीमत चढ़ी हुई. बाजार में मटर, टमाटर, फूलगोभी, शिमला मिर्च आदि की कीमत पहले से 10 से 20 रुपये पीस तक चढ़ गये थे. इसके अलावा कतरनी, बासमती चावल, कतरनी चूड़ा, दूध, पनीर व मिठाई की बिक्री बढ़ गयी. सब्जी कारोबारी मुन्ना प्रसाद ने बताया कि जिस फूल गोभी की कीमत 15 रुपये पीस थी, वह 20 से 25, तो 30 रुपये वाली 40 रुपये पीस हो गयी. टमाटर भी 40 -50 रुपये किलो से बढ़कर 50 से 70 रुपये किलो तक बिके. मटर भी 30-40 से बढ़कर 40-60 रुपये किलो, शिमला मिर्च 60 से बढ़कर 80 रुपये किलो हो गया. मिठाई व केक की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ी. मिठाई कारोबारी नंदकिशोर साह ने बताया कि नववर्ष में इस बार दूध की किल्लत नहीं है. पनीर की मांग बढ़ने से 30 से 40 रुपये प्रति किलो दाम बढ़ गये हैं. अभी बाजार में 340 रुपये किलो पनीर बिक रहे है. कई दूधवालों का गांव में ही दूध बिक गया, जिससे शहर के लोगों को सुधा व अन्य पैकेट वाले दूध पर आश्रित होना पड़ा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

